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Urine Color:यूरिन के 7 कलर किडनी डिजीज से लेकर कैंसर तक का देते हैं संकेत, पेशाब के ये रंग देखते ही डॉक्टर से लें परामर्श 

यूरिन पास होने से व्यक्ति को बड़ी राहत मिलती है. इसके जरिए शरीर में जमा होने वाली गंदगी भी बाहर हो जाती है. यह टॉक्सिंस को बाहर निकालने के साथ ही कई बीमारियों  का संकेत देता है. यूरिन में इन बदलावों को देख बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकता है.

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Urine Color:यूरिन के 7 कलर किडनी डिजीज से लेकर कैंसर तक का देते हैं संकेत, पेशाब के ये रंग देखते ही डॉक्टर से लें परामर्श 
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डीएनए हिंदी: (Urine 7 Colors Indicates These Disease) हर सेहतमंद व्यक्ति 24 घंटे में कम से कम 6 से 7 बार यूरिन पास करता है. यूरिन के जरिए शरीर में जमने वाले टॉक्सिंस बाहर हो जाते हैं. इससे बॉडी स्वस्थ रहती है. आम तौर पर यूरिन का कलर हल्का पीला होता है, लेकिन जब बार बार पेशाब आने लगे या फिर इसका रंग बदलने लगे तो समझ लें कि यह आपकी शरीर की अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत दे रहा है. पेशाब के रंग में आने वाले बदलाव को हल्के में न लें. यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. 

एक्सपर्ट्स की मानें तो पेशाब करते समय उसके रंग पर जरूर ध्यान देना चाहिए. लगातार लाल, पीला या फिर ये 7 अलग रंग दिखाई दें तो समझ लें कि आप किसी न किसी बीमारी के शिकार हैं. यह कोई बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में बिल्कुल भी लापरवाही न करें. डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें. आइए जानते हैं यूरिन के अलग-अलग रंग कौन-कौन सी बीमारियों का संकेत देते हैं. 

यूरिन का हल्का पीला होना 

अगर आपको लगातार हल्के पीले रंग का यूरिन आ रहा है तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत देता है. ऐसी स्थिति में पानी की मात्रा बढ़ा दें. इसके बाद भी पेशाब का रंग ऐसा ही रहता है तो किडनी और डायबिटीज की जांच जरूर करा लें. अक्सर इन दोनों समस्याओं में भी पेशाब का रंग हल्का पीला हो जाता है. 

यूरिन का गाढ़ा पीला

यूरिन का बहुत ज्यादा गाढ़ा पीला होना शरीर में पानी की कमी के संकेत देता है. डिहाड्रेशन का इशारा करता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर को दिखाने के साथ ही पानी की मात्रा बढ़ा दें. साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी और जूस को डाइट में शामिल करें. इससे यूरिन कलर अपने आप बदल जाएगा. 

यूरिन का धुंधला होना

पेशाब का धुंधला होना इंफेक्शन के संकेत देता है. यह खासकर ब्लैडर इंफेक्शन का संकेत देता है. इसके बढ़ने पर और भी कई बीमारियां हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें. 

यूरिन का लाल होना

अगर पेशाब का रंग लाल हो रहा है तो इसके पीछे की वजह किडनी में इंफेक्शन से लेकर कैंसर तक की बीमारी हो सकती है. ​लगातार लाल रंग का पेशाब आने पर डॉक्टर से परामर्श लेने के साथ ही बॉडी टेस्ट जरूर कराये. इसमें देरी करने पर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह समस्या किडनी डिजीज की वजह से भी हो सकती है. 

यूरिन का रंग ब्राउन होना 

यूरिन ब्राउन कलर का आना गॉलब्लैडर में इंफेक्शन का संकेत देता है. यह पित्त की नली में ब्लॉकेज होने का भी संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को भूलकर भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. पेशाब के ब्राउन आने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. 

यूरिन का मटमैला रंग

शरीर में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने पर भी पेशाब के रंग में बदलाव होने लगता है. पेशाब का कलर मटमैला हो जाता है. साथ ही जलन महसूस होती है. लगातार ऐसी स्थिति होना डायबिटीज का संकेत देता है. यह हाई ब्लड शुगर की वजह से भी होता है. ऐसी स्थिति में शुगर यूरिन के रास्ते आने लगता है. 

यूरिन का नीला रंग 

अगर आपके यूरिन का रंग नीला हो रहा है तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें. एक्सपर्ट के अनुसार, यह हाइपरकैल्सीमिया यानी की खून में कैल्शियम की कमी को दर्शाता है. यह बीमारी बच्चों में ज्यादा होती है. ऐसे में बच्चों के पेशाब का रंग बदलते ही डॉक्टरी परामर्श जरूर लें.

(Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.)

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