लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Aug 11, 2025, 09:57 AM IST
1.घुड़ चढ़ई है रस्म

आजकल कई लोग दूल्हे के घोड़े पर सवार होकर विवाह करने को सिर्फ़ स्टाइल या शाही अंदाज़ का प्रतीक मानते हैं, लेकिन इसके पीछे एक गहरी परंपरा और भावना छिपी है. यह रस्म दूल्हे की अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने की क्षमता का प्रतीक मानी जाती है.
2.इसलिए दूल्हा शांत घोड़ी पर बैठता है

घोड़ा अपने तेज़ और उग्र स्वभाव के लिए जाना जाता है. ऐतिहासिक रूप से, इसका इस्तेमाल युद्ध में किया जाता था. विवाह शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समर्पण और ज़िम्मेदारी का प्रतीक है, इसलिए दूल्हा शांत घोड़ी पर बैठता है.
3.घोड़ियों को घोड़ों की तुलना में संभालना आसान

घोड़ियों को घोड़ों की तुलना में संभालना आसान माना जाता है, लेकिन वे चंचल, बुद्धिमान और फुर्तीली होती हैं. घोड़ी पर सवार दूल्हा यह दर्शाता है कि वह अपने जीवन में नई ज़िम्मेदारियाँ लेने के लिए तैयार है.
4.क्यों सफेद रंग की घोड़ी होती है पहली पसंद

सफेद रंग पवित्रता, प्रेम, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. दूल्हा अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत सफेद घोड़े पर सवार होकर करता है, जिसे अच्छे भविष्य और खुशहाली का आशीर्वाद माना जाता है.
5.साहबला किसका प्रतीक होता है

दूल्हे के साथ घोड़े पर अक्सर एक छोटा बच्चा, जिसे 'साहबला' कहा जाता है, बैठता है. इसे बच्चे की मासूमियत और दूल्हे की भविष्य में परिवार की देखभाल करने की क्षमता का प्रतीक माना जाता है.
6.घोड़ी पर बैठना एक परीक्षा जैसा

घोड़ी पर बैठना एक तरह की प्रतीकात्मक 'परीक्षा' है. यह दर्शाता है कि दूल्हा अब मानसिक और भावनात्मक रूप से अपनी बचपन की आदतों को छोड़ने और जीवन की गंभीर जिम्मेदारियों को उठाने के लिए तैयार है.
7. सांस्कृतिक विरासत है ये परंपरा

हालांकि समय के साथ शादियों के तौर-तरीके बदल गए हैं, फिर भी घुड़सवारी आज भी ज़्यादातर शादियों का एक अहम हिस्सा है. यह परंपरा न सिर्फ़ एक सांस्कृतिक विरासत है, बल्कि एक नए जीवन की शुरुआत का एक खूबसूरत प्रतीक भी है.
डिसक्लेमरः ये खबर सामान्य जानकारी के आधार पर लिखी गई है, अधिक जानकारी के लिए एस्ट्रोलॉजर से से संपर्क करें.
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