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महाकुंभ की खूबसूरत साध्वी हर्षा ने धर्म की राह छोड़ने का क्यों किया ऐलान? कुछ ऐसा मिला 1 साल तक की तपस्या का फल

खुद को सनातनी कहने वाली साध्वी हर्षा रिचारिया ने धर्म की राह पर अब और चलने से इंकार कर दिया है और खुद अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर कहा है कि अब वह मौनी अमावस्या के स्नान के बाद धर्म की रहा से खुद को अलग कर रही हैं.

ऋतु सिंह | Jan 14, 2026, 09:22 AM IST

1.महाकुंभ 2025 में चर्चा में आईं थी साध्वी हर्षा

महाकुंभ 2025 में चर्चा में आईं थी साध्वी हर्षा
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महाकुंभ 2025 में जब साध्वी हर्षा रिचारिया पहली बार जब समाने आई थीं तो उनकी धर्म की राह पकड़े से ज्यादा उनक खूबसूरती की चर्चा हुई थी. हालांकि बाद में उनकी धर्म के प्रति निष्ठा को देखते हुए लोगों ने उनका सपोर्ट भी किया था लेकिन ट्रोलिंग करने वालों की भी कमी नहीं थी. उनकी खूबसूरती और धर्म की राह पकड़ने को लेकर लोगों ने कई स्टेटमेंट दिए थे लेकिन फिर भी 1 साल तक साध्वी अपने धर्म की राह से अडिग नहीं हुईं लेकिन अब...

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2.कौन हैं साध्वी हर्षा रिचारिया?

कौन हैं साध्वी हर्षा रिचारिया?
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हर्षा रिचारिया एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, होस्ट और पूर्व मॉडल/एक्ट्रेस हैं, जो प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में लोगों की नजरों में आईं थीं. उनकी सोशल मीडिया पर उनकी कई तस्वीरें और वीडियो उस समय खूब वायरल हुए थे, जिसमें वे साध्वी की तरह दिखाई दी थीं और लोगों ने उन्हें “वायरल सुंदर साध्वी” का टैग दिया था. उन्होंने महाकुंभ के आयोजन में भगवा वस्त्र, तिलक और रुद्राक्ष के साथ दिखी थीं और उनका वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं थीं.
 

3.साध्वी हर्षा रिचारिया ने महाकुंभ में क्या कहा था 

साध्वी हर्षा रिचारिया ने महाकुंभ में क्या कहा था 
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साध्वी हर्षा रिचारिया ने उस वक्त ये साफ कर दिया था कि  पारंपरिक सन्यासी या साध्वी नहीं हैं.उन्होंने कहा कि था कि उन्होंने कोई दीक्षानहीं ली है और वे मूल रूप से साध्वी नहीं हैं वो केवल धर्म की राह पर चलने वाली साध्वी हैं. हर्षा ने कहा था कि उन्होंने मंत्रदीक्षा ली है और वह स्वामी कैलाशानंद गिरी (निरंजनी अखाड़ा) की शिष्या हैं.

4. अब साध्वी ने धर्म की राह छोड़ने का क्यों किया ऐलान

 अब साध्वी ने धर्म की राह छोड़ने का क्यों किया ऐलान
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 अब साध्वी ने धर्म की राह छोड़ने का क्यों किया है इसके पीछे वजह वह खुद इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट कर दी हैं. उनका कहना है कि महाकुंभ 2025 से शुरू हुई एक कहानी अब खत्म होने को है. 1 साल में मैने बहुत सारे विरोध का सामना किया है. प्रयागराज से शुरू हुआ था वो विरोध लगा की अब ठीक होगा, अब ठीक होगा, महाकुंभ के बाद ठीक होगा, लेकिन मैंने जो कुछ भी करने की कोशिश की, धर्म के रास्ते पर चलते हुए. मैं क्या कर रही थी,मैं कोई गलत काम नहीं कर रही थी. मैंने किसी का बुरा नहीं किया किसी का बलात्कार नहीं किया, लेकिन मैं जो भी धर्म को आगे बढ़ने के लिए कर रही थी, उसे बार बार रोका गया. 
 

5.मनोबल तोड़ने का दावा

मनोबल तोड़ने का दावा
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साध्वी हर्षा का कहना है कि उनका मनोबल बार बार तोड़ा गया. जिनको लगता है कि वह धर्म के नाम पर करोड़ों रुपये छाप ली हूं तो मैं बता दूं कि मैं आज बहुत उधारी में हूं और धर्म में आने से पहले मैं एंकरिंग कर रही थी और जो कुछ उनका प्रोफेशन था उनको उसमें गर्व था और वो बहुत अच्छा कर रही थीं. वह देश विदेशों में काम करके अच्छा खासा पैसा कमा रही थी, लेकिन यहां आने के बाद सिर्फ उधारी के अलावा कुछ नहीं बचा. मेरे साथ यहां किसी ने नहीं दिया.
 

6. एक साल तक की तपस्या का क्या फल मिला?

 एक साल तक की तपस्या का क्या फल मिला?
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साध्वी का कहना है कि उन्होंने लगातार इसे 1 साल में जो कुछ भी करने का प्रयास किया है, उसे रोका गया है. उसे तोड़ा गया है. उसमें विरोध उत्पन्न किए गए और यही सेम चीज़ इस बार माघ मेला में भी मेरे साथ हुई है, जिसकी वजह से मैं बहुत ज्यादा निराश हूं क्योंकि मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जिसकी वजह से मेरा विरोध किया जाए. लेकिन विरोध करना शायद हमारे देश में यही एक चीज़ बहुत आसान है और एक लड़की के साथ अगर आप उसका मनोबल नहीं तोड़ पाते तो उसके चरित्र का हनन करते हैं कि फिर तो हो टूटेगी ही. तो आप अपना घर में अपने पास रखें. मैं कोई मां सीता नहीं हूं जो मैं अग्निपरीक्षा दूंगी.
 

7.साध्वी की पहचान पर विवाद

साध्वी की पहचान पर विवाद
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कुछ नेटिजन्स ने उनके पुराने फोटो और वीडियो शेयर कर उन्हें “फेक साध्वी” बताया Le, क्योंकि उन्होंने पश्चिमी कपड़े पहने और मेकअप के साथ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिससे उनका आध्यात्मिक निर्णय सवालों के घेरे में आ गया थ. यही सब साध्वी को लगातार चोट पहुंचा रही थी. वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग, आलोचना और ऑनलाइन आरोपों का सामना करना पड़ा, जिससे उन्होंने कुछ समय बाद आध्यात्मिक रास्ते को छोड़ने या विराम देने का संकेत दे दिया था.

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