Advertisement

दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला फूल कौन सा है? जिसे देखते ही मूड हो जाता है रोमांटिक और हैप्पी हार्मोन होते हैं बूस्ट

आज Rose Day है और इस मौके पर चलिए जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला फूल कौन सा है और इसका प्यार और दिमाग से क्या संबंध हैं जिसे देखते ही मूड रोममांटिक हो जाता है. साथ ही ये कैसे इकोनॉमी बूम की वजह बन चुका है.

ऋतु सिंह | Feb 07, 2026, 01:49 PM IST

1.फूलों को प्यार, रिश्तों और रोमांस से जोड़ा जाता है लेकिन

फूलों को  प्यार, रिश्तों और रोमांस से जोड़ा जाता है लेकिन
1

फूल को अक्सर प्यार, रिश्तों और रोमांस से जोड़ा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फूल सिर्फ भावनाओं की नहीं छूते बल्कि दिल और दिमाग में हेप्पी हार्मोन भी सेक्रिट करते हैं. दुनिया भर में इस मामले में एक फूल को सबसे ज्यादा तवज्जो मिलती है और माना जाता है कि इसको देखते ही शरीर में कुछ-कुछ होने लगता है. इस फूल की कद्र इतनी बढ़ गई है कि ये दिलों पर ही नहीं दुनिया कि इकोनॉमी पर भी राज कर रहा है. 
 

Advertisement

2.कौन सा है वो फूल जो रोमांस जगाता है?

कौन सा है वो फूल जो रोमांस जगाता है?
2

उम्मीद है आपने अब तक गेस कर लिया होगा. जी हां ये है गुलाब और गुलाब ही दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाले फूलों की लिस्ट में टॉप पर है. गुलाब यानी रोज केवल प्यार की निशानी भर नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार, मनोविज्ञान और जैविक विज्ञान का भी बड़ा हिस्सा है? आज Rose Day है और ये सिर्फ प्रेमी-प्रेमिका का उत्सव नहीं, बल्कि एक बिहेवियरल साइंस ट्रेंड और मल्टी-बिलियन डॉलर इंडस्ट्री बन चुका है.

3.दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला फूल गुलाब क्यों है?

दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला फूल गुलाब क्यों है?
3

गुलाब दुनिया का सबसे ज्यादा व्यापार किया जाने वाला फूल है.संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय फ्लोरिकल ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल 50 अरब से ज्यादा गुलाब फूल वैश्विक बाजार में बेचे जाते हैं. अकेले वैलेंटाइन वीक में फ्लावर इंडस्ट्री की बिक्री 30–40% तक बढ़ जाती है.भारत में भी फरवरी में गुलाब की कीमत सामान्य दिनों से 3–5 गुना बढ़ जाती है जो ये दिखाता है कि Rose Day सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि इकोनॉमिक इवेंट भी है.
 

4.गुलाब क्यों प्यार का प्रतीक बना?

गुलाब क्यों प्यार का प्रतीक बना?
4

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, गुलाब का लाल रंग डोपामिन और ऑक्सीटोसिन हार्मोन को सक्रिय करता है.ये हार्मोन प्रेम और आकर्षण बढ़ाते हैं और खुशी और जुड़ाव की भावना पैदा करते हैं. साथ ही ये रिश्तों में भरोसा बढ़ाते हैं. इसीलिए इंसानी दिमाग ने सदियों से गुलाब को प्यार का प्रतीक बना दिया.
 

5.गुलाब के लिए हो चुका है युद्ध तक

गुलाब के लिए हो चुका है युद्ध तक
5

गुलाब केवल प्रेम का नहीं, बल्कि सत्ता और राजनीति का भी प्रतीक रहा है. प्राचीन रोम में गुलाब का उपयोग शाही भोज में किया जाता था. इंग्लैंड में “War of Roses” नामक गृहयुद्ध हुआ था और मुगल काल में गुलाब से इत्र और औषधि बनाई जाती थी.यानी गुलाब इतिहास में प्रेम से ज्यादा पावर और प्रतिष्ठा का फूल था.

6.Rose Day बन रहा Symbolic Validation Syndrome

Rose Day बन रहा Symbolic Validation Syndrome
6

सोशल मीडिया युग में Rose Day सिर्फ फूल देने का दिन नहीं, बल्कि रिलेशनशिप स्टेटस टेस्ट बन गया है.पार्टनर ने गुलाब दिया या नहीं इससे रिश्ते का स्तर आंका जाता है. खासकर सोशल मीडिया पोस्ट रिश्तों में तुलना और दबाव बढ़ाते हैं साइकोलॉजिस्ट इसे “Symbolic Validation Syndrome” कहते हैं यानी आज गुलाब भावनाओं से ज्यादा सोशल सिग्नल बन चुका है.
 

7. हेल्थ और साइंस फैक्ट-गुलाब सिर्फ सजावट नहीं

 हेल्थ और साइंस फैक्ट-गुलाब सिर्फ सजावट नहीं
7

गुलाब में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं.गुलाब जल स्किन के लिए लाभकारी होते हैं और इसकी पंखुड़ियां हर्बल टी में उपयोग होती हैं, आयुर्वेद में गुलाब मानसिक शांति देने वाला माना गया है. यानी गुलाब भावनात्मक + औषधीय फूल है.

8.Rose Day पर गुलाब तीन स्तरों पर काम करता है 

Rose Day पर गुलाब तीन स्तरों पर काम करता है 
8

वेलेंटाइन डे की शुरुआत रोज डे से होती है और ये गुलाब का फूल तीन स्तर पर काम करता है. पहला ये दिल और रिश्तों में जुड़ाव लाता है. दूसरा ये वर्ल्ड इकोनॉमी को बूम करता है और तीसरा ये हेल्थ और मेंटल पीस देता है क्योंकि हैप्पी हार्मोन सीक्रिट होते हैं इसकी खूशुबू से.
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement