लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | May 20, 2026, 08:25 AM IST
1.एक्सट्रीम गर्मी में “क्या पहन रहे हैं”

हिटवेव के बीच लोग एसी, पानी और सनस्क्रीन पर तो ध्यान दे रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी गलती अक्सर कपड़ों को लेकर कर बैठते हैं. कई लोग फैशन, ऑफिस ड्रेस कोड या ट्रेंड के चक्कर में ऐसे कपड़े पहन रहे हैं जो शरीर की गर्मी को बाहर निकलने ही नहीं देते. नतीजा- ज्यादा पसीना, घबराहट, स्किन रैशेज, डिहाइड्रेशन और कई बार हीट एग्जॉशन तक की स्थिति.अब डॉक्टर्स और लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स भी चेतावनी दे रहे हैं कि इस बार की एक्सट्रीम गर्मी में “क्या पहन रहे हैं”, यह सिर्फ स्टाइल नहीं बल्कि हेल्थ इश्यू बन चुका है. (फोटो एआई)
2.डार्क कलर्स गर्मी को कैसे बना देते हैं और खतरनाक?

काले, गहरे नीले, मैरून और डार्क ब्राउन जैसे रंग गर्मी को तेजी से एब्जॉर्ब करते हैं. यानी सूरज की किरणें इन कपड़ों पर पड़ते ही शरीर ज्यादा हीट महसूस करने लगता है.यही वजह है कि धूप में डार्क कलर पहनने वाले लोगों को ज्यादा पसीना, चक्कर, बेचैनी, स्किन इरिटेशन जैसी समस्याएं ज्यादा हो सकती हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि हल्के रंग जैसे व्हाइट, बेज, स्काई ब्लू और पेस्टल शेड्स सूरज की गर्मी को रिफ्लेक्ट करने में मदद करते हैं. यानी कलर सिर्फ फैशन चॉइस नहीं, बॉडी टेम्परेचर कंट्रोल का हिस्सा भी बन चुका है. (फोटो एआई)
3.सिंथेटिक फैब्रिक क्यों बन रहा है ‘समर एनिमी’?

पॉलिएस्टर, नायलॉन और कई सिंथेटिक फैब्रिक्स दिखने में स्टाइलिश लग सकते हैं, लेकिन एक्सट्रीम गर्मी में ये शरीर के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं. ऐसे कपड़े अक्सर: हवा पास नहीं होने देते, स्वेट एब्जॉर्ब कम करते हैं, स्किन को स्टिकी बनाते हैं, बॉडी हीट ट्रैप कर लेते हैं.
यही वजह है कि लंबे समय तक सिंथेटिक कपड़े पहनने से फंगल इंफेक्शन, इचिंग और हीट रैश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो पूरे दिन बाहर रहते हैं, ट्रैवल ज्यादा करते हैं, नॉन-AC एनवायरमेंट में काम करते हैं. यानी फैशन के नाम पर चुना गया गलत फैब्रिक शरीर को अंदर से “ओवरहीट” कर सकता है. (फोटो एआई)
4.ऑफिस वियर भी बन सकता है हिटवेव स्ट्रेस की वजह

कॉर्पोरेट ऑफिसेज में फॉर्मल ड्रेसिंग अब कई लोगों के लिए नई परेशानी बनती जा रही है.पुरुषों के लिए थिक शर्ट्स, टाई, डार्क ट्राउजर्स और महिलाओं के लिए हेवी फैब्रिक कुर्तियां, टाइट वेस्टर्न वियर, लेयर्ड आउटफिट्स गर्मी को और अनकंफर्टेबल बना सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि कई कंपनियां अब “समर-फ्रेंडली ड्रेस पॉलिसी” पर विचार करने लगी हैं. क्योंकि हीट स्ट्रेस का सीधा असर प्रोडक्टिविटी और एम्प्लॉयी हेल्थ दोनों पर पड़ रहा है. यानी आने वाले समय में ऑफिस फैशन सिर्फ प्रोफेशनल लुक नहीं, क्लाइमेट-फ्रेंडली कंफर्ट से भी तय हो सकता है. (फोटो एआई)
5.कॉटन vs लिनन: इस गर्मी में कौन-सा फैब्रिक ज्यादा बेहतर?

गर्मी में सबसे ज्यादा चर्चा अभी कॉटन और लिनन फैब्रिक्स को लेकर हो रही है. कॉटन लंबे समय से भारतीय गर्मी के लिए सबसे भरोसेमंद फैब्रिक माना जाता है क्योंकि यह स्वेट एब्जॉर्ब करता है, स्किन को ब्रीद करने देता है, कम्पैरिटिवली सॉफ्ट होता है. वहीं लिनन अब तेजी से ट्रेंड में आ रहा है. यह फैब्रिक हल्का, एयरी और जल्दी सूखने वाला माना जाता है. हालांकि लिनन थोड़ा महंगा हो सकता है, लेकिन एक्सट्रीम हीट में यह काफी कंफर्टेबल महसूस हो सकता है. यही वजह है कि समर फैशन 2026 में “कूलिंग फैब्रिक्स” बड़ा ट्रेंड बनते दिखाई दे रहे हैं. (फोटो एआई)
6.सबसे बड़ा हिडेन डैंजर सिर्फ गर्मी नहीं, बॉडी डिहाइड्रेशन है

कई लोग सोचते हैं कि पसीना आना सामान्य बात है. लेकिन गलत कपड़े शरीर का टेम्परेचर इतना बढ़ा सकते हैं कि डिहाइड्रेशन तेजी से होने लगता है. जब बॉडी हीट बाहर नहीं निकल पाती, तो कमजोरी, हेडेक, लो BP, नॉजिया जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. यानी कई बार Heatwave का असर सिर्फ मौसम से नहीं, बल्कि कपड़ों की गलत चॉइस से भी ज्यादा गंभीर हो जाता है. (फोटो एआई)
7. इस गर्मी में सिर्फ स्टाइलिश नहीं, स्मार्ट ड्रेसिंग जरूरी

लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हीटवेव के दौर में “कंफर्ट इज द न्यू फैशन” बनता जा रहा है. ढीले, हल्के और ब्रीदेबल कपड़े अब सिर्फ गांव या कैजुअल लुक तक लिमिटेड नहीं रहे. अब अर्बन फैशन भी धीरे-धीरे प्रैक्टिकल समर स्टाइलिंग की तरफ बढ़ रहा है.अगर आप इस गर्मी में खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो ढीले-ढाले कपड़े चुनें, हल्के रंग पहनें, सिंथेटिक से बचें, कॉटन और लिनन जैसे हवादार कपड़े अपनाएं क्योंकि इस बार की गर्मी में सिर्फ सनस्क्रीन नहीं, सही कपड़े भी आपकी बॉडी को बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.(फोटो एआई)
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