लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Feb 11, 2026, 10:12 AM IST
1.ये होता बहुत ही ऑकवर्ड मोमेंट है

जब सामने वाला ये पूछता है कि आपकी सैलेरी कितनी है तो अक्सर हम कई बार इस पशोपेश में पड़ जाते हैं. ऐसे में ये समझ नहीं आता है कि सैलेरी कितनी बताएं. न बताने का क्या बहाना दें या कहीं सामने वाला आपकी सैलेरी से तो आपको जज नहीं करेगा. ऐसे तमाम सवाल मन में उठते हैं. बात चाहे जो भी हो ये होता बहुत ही ऑकवर्ड मोमेंट है. लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं क्योंकि अब आप क्या जवाब दें ये विकास दिव्यकीर्ति बता रहे हैं. ये बेहद व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक जवाब होगा जो हर प्रोफेशनल के लिए उपयोगी हो सकता है.
2.लोग सैलरी क्यों पूछते हैं?

अक्सर यह सवाल तीन वजहों से लोग पूछते हैं. पहला वो खुद से तुलना करते हैं दूसरा आपकी सैलेरी से आपकी सामाजिक स्थिति का अंदाजा लगाने का प्रयास करते हैं और तीसरा जिज्ञासा या करियर मार्गदर्शन के लिए भी ऐसा करते हैं. लेकिन सच यह है कि सैलरी निजी जानकारी होती है और हर किसी को यह बताना जरूरी नहीं होता.
3.विकास दिव्यकीर्ति का स्मार्ट जवाब: कब क्या बोलें?

विकास दिव्यकीर्ति ने सैलेरी आपकी कितनी है इसके हिसाब से स्मार्ट जवाब तैयार किया है. उनके अनुसार सैलेरी के पैकेज के आधार पर आपका जवाब होना चाहिए. अगर सैलेरी ज्यादा या कम है तो क्या जवाब दें. चलिए जानें.
4.अगर आपकी सैलरी बहुत ज्यादा है

अगर आपकी सैलरी इतनी ज्यादा है कि लोग सुनकर चौंक जाते हैं तो आप इसे खुले तौर पर बता सकते हैं.इससे आपकी प्रोफेशनल वैल्यू बढ़ती है और लोग आपको सफल और भरोसेमंद मानते हैं. उच्च आय अक्सर प्रेरणा और सम्मान का कारण बनती है.
5.अगर आपकी सैलरी कम है तो क्या जवाब दें

अगर आपकी सैलरी कम है तो सीधे नंबर बताने की बजाय पैकेज की बात करें क्योंकि पैकेज हमेशा ज्यादा लगता है. यानी आपकी CTC, बोनस, अन्य बेनिफिट्स और ग्रोथ पोटेंशियल सब इसमें समाहित हो जाएगा.इससे आपकी इमेज बेहतर बनी रहती है और सामने वाला आपको कम आंक नहीं पाता.
6.डिप्लोमैटिक जवाब ऐसे दें

अगर आप चाहते हैं कि लोग आपकी वास्तविक सैलरी न जानें तो इसका भी बेहतरीन जवाब आप दे सकते हैं. आप सीधे कह सकते हैं कि सम्मानजक सैलेरी है. या आप वेतन वृद्धि की बात करें या भविष्य के प्लान या ग्रोथ की चर्चा करें और कहें कि इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के हिसाब से ठीक है. यह एक डिप्लोमैटिक जवाब है, जिससे आप सवाल से बच भी जाते हैं और इज्जत भी बनी रहती है.
7.अगर सामने वाला तुलना करने की कोशिश करे तो?

विकास दिव्यकीर्ति का एक स्पष्ट संदेश है कि अगर कोई आपको जज या कंपेयर करने के लिए सैलरी पूछ रहा है, तो थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर बताने में कोई बुराई नहीं है.क्योंकि समाज में लोग अक्सर सैलरी से आपकी काबिलियत आंकते हैं. यह आपके सोशल स्टेटस और आत्मविश्वास को प्रभावित करता है
8.सैलरी बताना क्यों इतना ऑकवर्ड होता है?

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादा सैलरी अगर होती है तो लोग इसलिए बताने से डरते हैं कि ये जानकर लोग जलेंगे. वहीं कम सैलरी होती है तो इसलिए नहीं बताना चाहते कि लोग उन्हें कमतर आंकेंगे. इसलिए लोग इस सवाल से असहज महसूस करते हैं.
9. सही रणनीति क्या होनी चाहिए?

सैलरी बताने की कोई एक सही नीति नहीं है. सही रणनीति यह है सामने वाले की मंशा समझें और रिश्ते और संदर्भ को देखें फिर अपनी कम्फर्ट लेवल तय करें. याद रखें, आपकी वैल्यू सिर्फ सैलरी से तय नहीं होती.स्मार्ट इंसान वही है जो सवाल का जवाब भी दे और अपनी इज्जत और कंट्रोल भी बनाए रखे.