लाइफस्टाइल
Gaurav Barar | May 13, 2026, 01:10 PM IST
1.सांप का काटना एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती

भारत में सांप का काटना एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, लेकिन अक्सर मौत का कारण सांप का जहर नहीं, बल्कि घबराहट और प्राथमिक उपचार की गलत जानकारी होती है. देश में सांपों की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से केवल कुछ ही जानलेवा रूप से विषैली होती हैं. सही समय पर लिया गया सही निर्णय जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय कर सकता है. यहां सर्पदंश की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कुछ टिप्स दिए गए हैं.
2.सांप के काटने पर क्या करें?

धैर्य रखें और पीड़ित को शांत करें- जैसे ही सांप काटता है, शरीर में भय के कारण एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है. यदि पीड़ित घबराता है, तो उसके दिल की धड़कन तेज हो जाती है, जिससे जहर रक्तप्रवाह के माध्यम से पूरे शरीर में बहुत तेजी से फैलने लगता है. सबसे पहले खुद को यह समझाएं कि अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते और आधुनिक चिकित्सा में इसका सफल इलाज संभव है.
3.हलचल को न्यूनतम करें

शरीर के जिस हिस्से पर सांप ने काटा है, उसकी हरकत को पूरी तरह बंद कर दें. यदि पैर पर काटा है, तो चलना बंद कर दें और हाथ पर काटा है, तो उसे हिलाएं नहीं. मांसपेशियों की सक्रियता जहर को लिंफैटिक सिस्टम के जरिए खून में पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज कर देती है. प्रभावित अंग को हृदय के स्तर से नीचे रखना भी फायदेमंद होता है.
4.गहने और कसे हुए कपड़े हटाएं

सांप के काटने के बाद शरीर में तेजी से सूजन आती है. यदि पीड़ित ने अंगूठी, घड़ी, कड़ा, पायल या तंग कपड़े पहने हैं, तो उन्हें तुरंत उतार दें. सूजन बढ़ने के बाद ये चीजें टूर्निकेट की तरह काम करने लगती हैं और रक्त संचार को बाधित कर अंग के सड़ने का कारण बन सकती हैं.
5.घाव की सामान्य सफाई

घाव को साफ पानी या हल्के साबुन से धोया जा सकता है ताकि सतह पर मौजूद संक्रमण हट जाए. हालांकि, घाव को बहुत अधिक रगड़ने या उस पर दबाव डालने से बचें. उसे हल्का ढक देना पर्याप्त है.
6.अस्पताल ही एकमात्र विकल्प

सर्पदंश का एकमात्र वैज्ञानिक उपचार एंटी-वेनम (Anti-Venom) है. किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक, तांत्रिक उपचार या देसी जड़ी-बूटियों के फेर में पड़कर शुरुआती कीमती समय को बर्बाद न करें. पीड़ित को तुरंत उस अस्पताल ले जाएं जहां सर्पदंश के इलाज की सुविधा उपलब्ध हो.
7.क्या न करें?

जहर चूसने का प्रयास न करें. फिल्मों में दिखाया जाने वाला यह तरीका असल जिंदगी में जानलेवा है. मुंह से जहर चूसने पर जहर चूसने वाले के मुंह के घावों के जरिए उसके शरीर में भी प्रवेश कर सकता है और इससे पीड़ित के घाव में बैक्टीरिया का संक्रमण भी बढ़ जाता है.
8.चीरा न लगाएं, कसकर न बांधें

घाव पर ब्लेड या चाकू से कट लगाने की कोशिश न करें. इससे नसें कटने का डर रहता है और अत्यधिक रक्तस्राव या गंभीर संक्रमण हो सकता है. साथ ही अक्सर लोग अंग को रस्सी या कपड़े से बहुत मजबूती से बांध देते हैं. इससे उस अंग में रक्त का प्रवाह पूरी तरह रुक जाता है, जिससे टिशू मर सकते हैं और बाद में उस हाथ या पैर को काटने की नौबत आ सकती है.
9.बर्फ या बिजली के झटके

घाव पर बर्फ न लगाएं और न ही किसी प्रकार का इलेक्ट्रिक शॉक देने की कोशिश करें. ये तरीके पूरी तरह अप्रमाणित और खतरनाक हैं. सर्पदंश के मामले में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है. सांप को पकड़ने या मारने में समय नष्ट करने के बजाय, उसकी पहचान (रंग, आकार) याद रखने की कोशिश करें ताकि डॉक्टर को सही एंटी-वेनम चुनने में मदद मिल सके. याद रखें, अंधविश्वास मौत का कारण बनता है और विज्ञान जीवन का आधार.