लाइफस्टाइल
Abhay Sharma | Aug 03, 2025, 12:08 PM IST
1.क्या टूटे दिल से जा सकती है जान?

कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि टूटे हुए दिल के भावनात्मक तनाव से जान जाना संभव है, हालांकि ऐसा काफी दुर्लभ होता है. इस स्थिति को आमतौर पर (Broken Heart Syndrome) टूटे हुए दिल सिंड्रोम या ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी (Takotsubo cardiomyopathy) के रूप में जाना जाता है.
2.भावनात्मक या शारीरिक तनाव

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह एक अस्थायी हृदय की स्थिति है जो किसी प्रियजन की मृत्यु जैसे तीव्र भावनात्मक या शारीरिक तनाव से शुरू हो सकती है, या फिर किसी से धोखा मिलने पर भी, आमतौर पर ज्यादातर लोग भावनात्मक तनाव आने पर खुद पर काबू पा लेते हैं.
3.मृत्यु का कारण

हालांकि यह इससे मौत होना बहुत ही दुर्लभ मामलों में से एक है, क्योंकि गंभीर होने पर यह दिल सिंड्रोम यानी ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी मृत्यु का कारण भी बन सकता है.
4.क्यों होता है ऐसा?

बता दें कि इसका सटीक कारण पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि यह तनाव हार्मोन, जैसे कि एड्रेनालाईन (Adrenaline) के अचानक बढ़ने के कारण होता है, इस स्थिति में यह आपके हृदय की मांसपेशियों को झटका दे सकता है.
5.दिल से जुड़ी समस्याएं

इसकी वजह से दिल की विफलता, अनियमित दिल की धड़कन और यहां तक कि कार्डियोजेनिक शॉक (Cardiogenic Shock) का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें आपका दिल आपके शरीर की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में खून को पंप करने में असमर्थ हो जाता है.
6.ज्यादातर लोग हो जाते हैं ठीक

आमतौर पर ज्यादातर मरीज इस स्थिति में एक महीने के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन जो लोग पहले से ही हृदय रोग या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त व्यक्तियों में मृत्यु का जोखिम अधिक बढ़ सकता है. इसलिए यह स्थिति आए तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें, हिचकिचाए नहीं...