लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Nov 09, 2025, 06:56 AM IST
1.दुनिया का पहला वेज सिटी

आज आपको उस देश के एक शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां मटन और चिकन छोड़िए अंडे तक नहीं मिलेंगे. इस शहर में नॉनवेज बेचना और खाना दोनों ही पूरी तरह से बैन कर दिया गया है. इसके बाद से ये शहर दुनिया का पहला वेज सिटी बन गया है.
2.पलिताना

भारत जैसे विविधता वाले देश में खाने की आदतें केवल स्वाद नहीं, बल्कि संस्कृति और आस्था से जुड़ी होती हैं. कुछ शहरों ने इस आस्था को इतना गंभीरता से लिया कि वहां नॉनवेज पर कानूनी या नैतिक प्रतिबंध लगा दिया गया और ये है पलिताना (गुजरात) शहर. जो दुनिया का पहला “वेजिटेरियन सिटी” बन गया है.
2014 में गुजरात सरकार ने पलिताना में मांस, मछली और अंडे की बिक्री, साथ ही पशु हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया क्योंकि ये शहर जैन धर्म के लिए सबसे पवित्र तीर्थस्थल है. स्थानीय साधु-संतों ने “अहिंसा नगर” बनाने की मांग की थी.
नतीजा: यह शहर अब पूरी तरह शाकाहारी घोषित है — यहां एक भी मीट शॉप नहीं है.
3.हरिद्वार और ऋषिकेश (उत्तराखंड) — तीर्थ की पवित्रता

उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में वैसे तो कई जगह नॉनवेज बेचना मना है लेकिन ऐसा नहीं है कि यहां आप नॉनवेज खा नहीं सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको कुछ कानूनी नियमों का ध्यान रखना होगा क्योंकि ये धार्मिक आस्था से जुड़ी हैं. चारधाम के अलावा आपको हर्षिल जैसे टूरिस्ट प्लेस में भी नॉनवेज मिलना मुश्किल होगा.
नगर निगम अधिनियम और धार्मिक नियमों के तहत इन दोनों शहरों में नॉनवेज फूड और अल्कोहल बेचना दोनों पर बैन है क्योंकि दोनों शहर गंगा तट पर बसे हैं और हिंदू धर्म में ‘मोक्षधाम’ माने जाते हैं. पर्यटकों को सख्ती से वेजिटेरियन होटल व रेस्तरां में भोजन करने की सलाह दी जाती है. हालांकि घर में लोग नॉनवेज बना सकते हैं और नॉवेज की दुकाने धार्मिक स्थलों से कई किलोमीटर दूर होती हैं.
4.काशी-अयोध्या और वृंदावन (उत्तर प्रदेश) — श्रद्धा से नीति तक

उत्तर प्रदेश के वाराणसी यानी काशी-अयोध्या और वृंदावन में भी नॉनवेज धार्मिक स्थलों के आसपास बेचना और खाना बैन है. अलकोहल की दुकानें भी नहीं मिलेंगी. राज्य सरकार ने 2023 में आदेश जारी कर धार्मिक स्थलों के 10 किमी दायरे में नॉनवेज बिक्री पर रोक लगाई. काशी विश्वानाथ, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्रों की पवित्रता बनाए रखना इसकी बड़ी वजह है. स्थानीय प्रशासन नियमित निरीक्षण करता है ताकि नियमों का पालन हो.
5. पुष्कर (राजस्थान) — ब्रह्मा नगरी का आस्था नियम

राजस्थान का पुष्कर ब्रह्मा की नगरी है और यहां भी नॉनवेज न बेचना एक आस्था नियम है. 2007 से पुष्कर में मांस और मछली बेचना या पकाना प्रतिबंधित है क्योंकि यह एकमात्र ब्रह्मा मंदिर वाला तीर्थस्थल है, जहाँ अहिंसा और सात्विकता सर्वोपरि मानी जाती है. शहर अब शाकाहारी पर्यटन के लिए भी जाना जाता है.
6.माउंट आबू (राजस्थान) — जैन तीर्थ की परंपरा

राजस्थान के माउंट आबू में जैन तीर्थ की परंपरा कायम है और धार्मिक समितियों के आग्रह पर नगर निगम स्तर पर नॉनवेज की बिक्री पर प्रतिबंध लागू है क्योंकि यहां दिलवाड़ा जैन मंदिरों के कारण यहां अहिंसा की परंपरा गहरी है. यहां ज्यादातर होटल “100% वेज” सर्टिफाइड हैं.
7.धर्म, संस्कृति और स्थानीय सामाजिक संरचना के चलते बैन है नॉनवेज

भारत में नॉनवेज बैन केवल खाने की पसंद का सवाल नहीं, यह धर्म, संस्कृति और स्थानीय सामाजिक संरचना का मेल है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रतिबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन की मांग करते हैं. जहां एक ओर ये शहर “अहिंसा” के प्रतीक हैं, वहीं दूसरी ओर ये बहस भी पैदा करते हैं कि भोजन का चुनाव कितनी हद तक व्यक्तिगत होना चाहिए.
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