लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Aug 10, 2025, 08:27 AM IST
1.यूरिक एसिड बढ़ने के रिस्क

आजकल युवाओं में भी यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने की समस्या बढ़ चुकी है. ऐसा तब होता है जब हमारा शरीर या तो बहुत ज़्यादा यूरिक एसिड बनाता है या उसे पेशाब के ज़रिए किडनी शरीर से बाहर निकालने में असमर्थ होने लगती है. शरीर में यूरिक एसिड का लगातार चढ़ाव से भविष्य में गठिया, गुर्दे की पथरी ही नहीं जोड़ों के दर्द जैसे गठिया और किडनी फेल का खतरा बढ़ने लगता है. आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने पर शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
2.क्यों बढ़ता है शरीर में यूरिक एसिड

कुछ खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं. उदाहरण के लिए, दालें, राजमा, छोले, रेड मीट, समुद्री भोजन और शराब में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है. ऐसे में अगर आपका यूरिक एसिड बढ़ने लगे, तो अपने आहार में प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल न करें.
3.अचानक जोड़ों में दर्द

ये हाई यूरिक एसिड का पहला और सबसे आम लक्षण है. यह दर्द अक्सर अचानक और बहुत तेज़ होता है, खासकर पैर के अंगूठे में. यह अचानक जोड़ों का दर्द शरीर के अन्य हिस्सों, जैसे टखनों, घुटनों या उंगलियों में भी हो सकता है. अगर आपको पहले कभी जोड़ों की समस्या नहीं हुई है और अचानक यह दर्द महसूस हो रहा है, तो अपने यूरिक एसिड के स्तर की जांच करवाएं.
4.जोड़ों में सूजन और लालिमा

यह गाउट के बिगड़ने का एक और संकेत है. भले ही आपको ज़्यादा दर्द न हो, शरीर में जोड़ों के आसपास हल्की सूजन, गर्मी या लालिमा यूरिक एसिड के जमाव का संकेत हो सकती है. सूजन के कारण जोड़ सख्त या चमकदार दिखाई दे सकते हैं.
5.मांसपेशियों में दर्द

यूरिक एसिड का उच्च स्तर भी मांसपेशियों में दर्द का कारण बन सकता है. यह जोड़ों के दर्द जितना गंभीर नहीं होता, लेकिन यह लचीलेपन को कम कर देता है. अगर आपको अन्य लक्षणों के साथ इस प्रकार की मांसपेशियों में अकड़न दिखाई दे, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें.
6.त्वचा संबंधी समस्या

कुछ मामलों में, यूरिक एसिड क्रिस्टल त्वचा की सतह के पास, खासकर जोड़ों के आसपास, छिलने, खुजली या पपड़ी बनने का कारण बन सकते हैं. हालाँकि, यह आमतौर पर अधिक गंभीर मामलों में होता है.
7.किडनी में पथरी बनने का रिस्क

यूरिक एसिड क्रिस्टलीकृत होकर किडनी में पथरी बना सकता है, जिससे दर्द, रुकावटें पैदा हो सकती हैं और गुर्दे को नुकसान पहुंच सकता है.
8.क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी)

यूरिक एसिड का उच्च स्तर क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है. कुछ मामलों में, यह यूरेट नेफ्रोपैथी नामक स्थिति का कारण बन सकता है, जहाँ यूरिक एसिड के क्रिस्टल गुर्दे की नलिकाओं में जमा हो जाते हैं, जिससे क्षति होती है और संभावित रूप से क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) हो सकता है.
9.हाई बीपी का खतर

हाई यूरिक एसिड का रिस्क ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है जिससे किडनी फेल और का खतरा बढ़ता है साथ ही किडनी में सूजन भी हो सकती है.
डिसक्लेमरः ये खबर सामान्य जानकारी के आधार पर लिखी गई है, अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें
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