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भारत का इकलौता शहर जहां नॉन वेजिटेरियन की एंट्री बैन है, पूरी सीटी में केवल वेजेटेरियन ही रहते हैं

Country's first place who is purely vegetarian: भारत के एक राज्य में इकलौता शहर है जहां नॉनवेजिटेरियन की एंट्री है बैन है. यहां आने पर हर किसी को केवल वेज खाना ही खाना होगा और यहां वेज खाना ही बिकता भी है.

ऋतु सिंह | Mar 07, 2026, 09:16 AM IST

1.नॉनवेजिटेरियन नहीं आ सकते यहां

नॉनवेजिटेरियन नहीं आ सकते यहां
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भारत ही नहीं दुनिया के कई देश अब धीरे-धीरे वेजिटेरियन होते जा रहे हैं. वेज या वेगन डाइट के फायदे भी बहुत होते हैं. लेकिन आज आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां चिकन-मटन तो दूर अंडा तक बैन है. यहां रहने वाले सारे लोग वेज खाना खाते हैं इसलिए यहां नॉनवेजिटेरियन की एंट्री ही बैन कर दी गई है. अगर कोई नॉन वेजिटेरियन यहां आता है तो उसे वेज ही खाना होगा. (Photo Credit - AI Generated)
 
 

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2.अनोखा धार्मिक नगर है ये

अनोखा धार्मिक नगर है ये
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यह भारत का एक अनोखा धार्मिक नगर है, जहां अहिंसा की भावना के चलते मांस, मछली और अंडे की बिक्री व सेवन पर पूरी तरह रोक है. आस्था, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया यह फैसला देशभर में मिसाल बन चुका है.(Photo Credit - AI Generated)

3.इस राज्य में है ये अनोखा और पहला वेजिटेरियन शहर

इस राज्य में है ये अनोखा और पहला वेजिटेरियन शहर
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गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना भारत का ऐसा अनोखा शहर है, जिसे देश की पहली “प्योर वेजिटेरियन सिटी” होने का गौरव प्राप्त है. यहां न सिर्फ मांस और मछली, बल्कि अंडे की बिक्री और सेवन पर भी पूरी तरह प्रतिबंध है. साल 2014 में पालीताना नगर पालिका ने आधिकारिक रूप से यह फैसला लागू किया था, जिसके बाद यह शहर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया. (Photo Credit - AI Generated)


 

4.क्यों खास है पालीताना?

क्यों खास है पालीताना?
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पालीताना जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है. यहां स्थित शत्रुंजय पर्वत पर 800 से अधिक जैन मंदिर हैं. जैन धर्म में अहिंसा सर्वोच्च सिद्धांत है, और जीव हिंसा को पूरी तरह वर्जित माना जाता है. इसी धार्मिक भावना के चलते साधु-संतों और स्थानीय समुदाय ने मिलकर नॉनवेज पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की.(Photo Credit - AI Generated)
 

5.यहां नॉनवेज बेचना गैरकानूनी है

यहां नॉनवेज बेचना गैरकानूनी है
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नगर पालिका ने न सिर्फ मांसाहार पर रोक लगाई, बल्कि पशु वध, मछली बाजार और अंडा बेचने तक को गैरकानूनी घोषित कर दिया. नियम तोड़ने पर जुर्माने और सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. (Photo Credit - AI Generated)

6.धार्मिक आस्था से जुड़ा फैसला

धार्मिक आस्था से जुड़ा फैसला
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पालीताना में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. जैन संतों का मानना था कि तीर्थ नगरी में मांसाहार की मौजूदगी धार्मिक मूल्यों के खिलाफ है. कई दिनों तक शांतिपूर्ण आंदोलन और उपवास के बाद सरकार और प्रशासन ने इस फैसले को मंजूरी दी.(Photo Credit - AI Generated)
 

7.पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर
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विशेषज्ञों के अनुसार, पालीताना का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के लिहाज से भी अहम है. शाकाहारी खानपान से न सिर्फ कार्बन फुटप्रिंट कम होता है, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी घटता है.(Photo Credit - AI Generated)

8.भारत में और कहाँ नॉनवेज पर पाबंदी या सख्ती है?

भारत में और कहाँ नॉनवेज पर पाबंदी या सख्ती है?
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ऋषिकेश-हरिद्वार (उत्तराखंड)भी धार्मिक नगरी होने के कारण यहां मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध है. इसके अलावा  वैष्णो देवी यात्रा मार्ग और आसपास के इलाकों में नॉनवेज बैन है.स्वर्ण मंदिर के आसपास तय परिधि में मांस और शराब की बिक्री पर रोक है.पुष्कर (राजस्थान) में भी नॉनवेज और शराब पर सख्त नियंत्रण है. लेकिन  ये रोक केवल मंदिर या गंगा घाट या किसी भी पवित्र स्थल से कई किलोमीटर के दायरे तक ही ये नियम है.(Photo Credit - AI Generated)


 

9.क्या पालीताना बनेगा मॉडल सिटी?

क्या पालीताना बनेगा मॉडल सिटी?
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पालीताना का मॉडल अब देश के अन्य धार्मिक शहरों के लिए एक उदाहरण बन चुका है. यह दिखाता है कि आस्था, पर्यावरण और स्वास्थ्य को साथ लेकर शहरी नीतियां बनाई जा सकती हैं.पालीताना सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का प्रतीक है, जहाँ अहिंसा सिर्फ सिद्धांत नहीं, बल्कि जीवनशैली है. (Photo Credit - AI Generated)

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