लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Dec 09, 2025, 12:36 PM IST
1.कैसे लोग होते हैं दीमक की तरह

अगर आप अपने करियर में सफलता हासिल करना चाहते हैं तो ऑफिस में कुछ खास लोगों से दूर रहना फायदेमंद होता है. चाणक्य ने अपनी नीतियों ऐसे लोगों को दीमक की तरह बताया है क्योंकि ये साथ रहकर आपकी बुनियाद को कमजोर करते हैं और आपकी सफलता और तरक्की के रास्ते को बंद कर देते हैं.
2.चाणक्य नीति का यह श्लोक समझें

परोक्षे कार्यहंतरं प्रतिक्षे प्रियवादिनम्. चाणक्य नीति का यह श्लोक आपको बताता है कि ऑफिस में किन 4 तरह के लोगों से दूर रहना चाहिए.
3. ऐसे लोग आपके नहीं होते हितैषी

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आपको ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो आपके मुंह पर तो आपकी तारीफ़ करते हैं और पीठ पीछे आपकी बुराई करते हैं. ऐसे लोग मीठी-मीठी बातें तो करते हैं, लेकिन आपको नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ते. ये लोग सामने हितैषी बनकर पीठ पीछे आपका गला रेतने का मौका खोजते हैं. ये आपकी छवि को खराब करने वाले होते हैं.
4.बहुत ज्यादा टिप्पणी या मज़ाक करने वाले लोग

ऑफिस में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हर छोटी-छोटी बात पर टिप्पणी या मज़ाक करते हैं, जिससे दूसरों को परेशानी होती है. ऐसे लोग दूसरों का मज़ाक उड़ाकर उनकी छवि खराब करते हैं.
5.दूसरों को कमतर समझने वाले लोग

ऑफिस में कई ऐसे लोग होते हैं जो बाकियों को खुद से कमतर समझते हैं. ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखना ही बेहतर है. ये लोग किसी की तरक्की नहीं देख सकते और काम में रुकावटें पैदा कर सकते हैं.
6.आपकी गलती या कमी को सार्वजनिक करने वाला

अगर आपका कोई सहयोगी जब भी आपकी कोई कमी या गलती सामने आती है तो खुश होता है तो ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें, क्योंकि ऐसे लोग जानबूझकर आपकी कमी या गलती को सबके सामने लाते हैं ताकि आपकी मान हानि हो और तरक्की रूक सके. दोस्त हमेशा निजी रूप से आपकी गलती को बताता है. सार्वजिनक रूप से गलतियां बताने का मतलब है कि वह आपसे जलता है.
7.ऑफिस पॉलिटिक्स करने वाले से रहे दूर

जो भी दोस्त बहुत ज्यादा गॉसिप करता है या ऑफिस पॉलिटिक्स करता है उससे दूरी बना के रखें क्योंकि ऐसे लोग मौका पाते ही आपको किसी न किसी बात या काम में फंसा सकते हैं. ऐसे लोग किसी के अपने नहीं होते.
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