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भारत में कहां चलती है देश की सबसे धीमी ट्रेन? पैसेंजर्स की फेवरेट इस रेलगाड़ी पर हो चुकी है फेमस गाने की शूटिंग

देश में बात बुलेट ट्रेन की चल रही है, उम्मीद है कि अगले साल अप्रैल 2027 तक देश की पटरियों पर पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन दौड़ेगी. यह ट्रेन 280 किलोमीटर की दूरी महज 60 मिनट में तय करने में सक्षम होगी.आज हम आपको एक ऐसी ट्रेन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन कहा जाता है.

Abhay Sharma | May 16, 2026, 09:27 PM IST

1.भारत की सबसे धीमी ट्रेन 

भारत की सबसे धीमी ट्रेन 
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भारत की सबसे धीमी ट्रेन है मेट्टुपालयम-ऊटी नीलगिरि पैसेंजर (Nilgiri Mountain Railway), जो तमिलनाडु में चलती है. स्पीड की बात करें तो इसकी औसत गति लगभग 9 - 10 किलोमीटर प्रति घंटा है. इस भारत में चलने वाली सबसे धीमी ट्रेन कहा जाता है. लेकिन, ये ट्रेन पैसेंजर्स को खूब भाती है.  (PC: Social Media) 

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2.खूबसूरत वादियों से गुजरती है ये ट्रेन

खूबसूरत वादियों से गुजरती है ये ट्रेन
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बता दें कि करीब 46 किलोमीटर का सफर पूरा करने में इसे लगभग 5 घंटे लगते हैं. ये ट्रेन नीलगिरि पहाड़ियों, घने जंगलों, झरनों और चाय बागानों के बीच से गुजरती है. यही वजह है कि ये ट्रेन यात्रियों की फेवरेट है. क्योंकि इसमें बैठकर लोग खूबसूरत नजारे का आनंद लेते हैं. (PC: Social Media) 

3.यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट

यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट
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इसके अलावा UNESCO ने नीलगिरि माउंटेन रेलवे को Mountain Railways of India के तहत वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया है. बता दें कि 'दिल से' फिल्म का मशहूर गाना 'छैंया-छैंया' की शूटिंग इसी ट्रेन पर की गई थी.  1908 में शुरू हुई ये रेलवे आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान बनाए हुए है. (PC: Social Media) 

4.इतनी धीमी क्यों चलती है ट्रेन? 

इतनी धीमी क्यों चलती है ट्रेन? 
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बता दें कि इस ट्रेन में खास रैक-एंड-पिनियन सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जो इसे पहाड़ों पर चढ़ने में मदद करता है. इसकी रफ्तार धीमी है, क्योंकि नीलगिरि माउंटेन रेलवे पहाड़ी रास्तों पर चलती है. ऐसे में तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाई और संकरी पटरियों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन की स्पीद धीमी रखी जाती है. (PC: Social Media) 

5.अक्टूबर में जाना रहेगा सबसे बेस्ट

अक्टूबर में जाना रहेगा सबसे बेस्ट
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इस ट्रेन में सफर करने का सबसे अच्छा समय होता है अक्टूबर से जून तक का, इस समय मौसम सुहावना रहता है और पहाड़ों का नजारा साफ दिखाई देता है. इसके अलावा मानसून में हरियाली बढ़ जाती है. हालांकि, बारिश की वजह से देरी की संभावना रहती है. (PC: Social Media) 

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