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भारत के 7 सबसे बड़े होलसेल ड्राई फ्रूट मार्केट, यहां से कम दाम में मेवे खरीदकर शुरू करें शानदार रिसेल बिजनेस

Cheapest Mewa Thok Bazar: अगर आप घर बैठेऑनलाइन बिजनेस करना चाहते हैं तो आपके लिए मेवा बाजार बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. भारत में 7 थोक ड्राई फ्रूट्स मार्केट्स से आप बेहद कम दाम में मेवे लेकर रिसेल कर सकते हैं. चलिए जानें कहां हैं ये होलसेल मार्केट.

ऋतु सिंह | May 18, 2026, 11:48 AM IST

1. ड्राईफ्रूट्स देश के कुछ बड़े होलसेल बाजारों में काफी कम कीमत पर मिलते हैं

 ड्राईफ्रूट्स देश के कुछ बड़े होलसेल बाजारों में काफी कम कीमत पर मिलते हैं
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बादाम, काजू और पिस्ता अब सिर्फ त्योहारों की चीज नहीं रह गए हैं. फिटनेस और हेल्थ ट्रेंड बढ़ने के बाद भारत में ड्राईफ्रूट्स की मांग तेजी से बढ़ी है. लेकिन आम लोग जब रिटेल दुकान पर इनके दाम देखते हैं तो अक्सर चौंक जाते हैं. कई शहरों में काजू 1000 रुपये किलो और बादाम 900 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि यही ड्राईफ्रूट्स देश के कुछ बड़े होलसेल बाजारों में काफी कम कीमत पर मिल जाते हैं. यही वजह है कि छोटे दुकानदार, ऑनलाइन सेलर और होम बिजनेस शुरू करने वाले लोग इन मंडियों से माल उठाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.

अगर आप भी कम निवेश में ड्राईफ्रूट्स का रिसेल बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो भारत के ये बाजार आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकते हैं.(फोटो एआई)

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2.दिल्ली का खारी बावली मार्केट क्यों कहलाता है ड्राईफ्रूट्स का बादशाह?

दिल्ली का खारी बावली मार्केट क्यों कहलाता है ड्राईफ्रूट्स का बादशाह?
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पुरानी दिल्ली का खारी बावली बाजार एशिया के सबसे बड़े मसाला और ड्राईफ्रूट मार्केट्स में गिना जाता है. यहां अफगानिस्तान, ईरान और कश्मीर से आने वाला माल बड़ी मात्रा में पहुंचता है. इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां थोक में खरीदने पर कीमतें काफी नीचे आ जाती हैं. कई व्यापारी सीधे इंपोर्टर्स से जुड़े होते हैं, इसलिए बीच के दलालों का खर्च कम हो जाता है.

यही कारण है कि छोटे दुकानदार यहां से बादाम, किशमिश और काजू खरीदकर दूसरे शहरों में बेचते हैं. त्योहारों के समय यहां कारोबार कई गुना बढ़ जाता है.  (फोटो एआई)
 

3. मुंबई का मस्जिद बंदर मार्केट क्यों है व्यापारियों की पसंद?

 मुंबई का मस्जिद बंदर मार्केट क्यों है व्यापारियों की पसंद?
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मुंबई का मस्जिद बंदर इलाका सिर्फ मसालों के लिए ही नहीं, बल्कि ड्राईफ्रूट्स की बड़ी होलसेल सप्लाई के लिए भी जाना जाता है. यहां बंदरगाह के पास होने का फायदा व्यापारियों को मिलता है.

इंपोर्टेड ड्राईफ्रूट्स सीधे कंटेनर के जरिए मुंबई पहुंचते हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत कम पड़ती है. यही वजह है कि यहां कई बार रिटेल बाजार की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक कम दाम देखने को मिल जाते हैं. ऑनलाइन बिजनेस करने वाले कई लोग भी इसी मार्केट से पैकिंग कराकर अपना ब्रांड बेच रहे हैं. (फोटो एआई)
 

4.अमृतसर का गुरु बाजार क्यों बन रहा है नया हॉटस्पॉट?

अमृतसर का गुरु बाजार क्यों बन रहा है नया हॉटस्पॉट?
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पंजाब का अमृतसर लंबे समय से सूखे मेवों के कारोबार का बड़ा केंद्र रहा है. यहां का गुरु बाजार खासकर कश्मीरी अखरोट, बादाम और अफगानी ड्राईफ्रूट्स के लिए प्रसिद्ध माना जाता है. सीमा के नजदीक होने की वजह से यहां कई तरह का माल जल्दी पहुंच जाता है. स्थानीय व्यापारी बताते हैं कि यहां क्वालिटी और कीमत दोनों में अच्छा संतुलन मिल जाता है.यही कारण है कि उत्तर भारत के कई छोटे कारोबारी यहां से माल खरीदकर अपने शहरों में सप्लाई करते हैं. (फोटो एआई)
 

5.अहमदाबाद का ड्राईफ्रूट कारोबार इतना तेजी से क्यों बढ़ रहा?

अहमदाबाद का ड्राईफ्रूट कारोबार इतना तेजी से क्यों बढ़ रहा?
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गुजरात में हेल्थ फूड और गिफ्ट पैकिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है. अहमदाबाद के होलसेल बाजारों में बड़ी मात्रा में काजू, पिस्ता और अंजीर की ट्रेडिंग होती है. यहां कारोबारी बड़ी मात्रा में पैकिंग और रीब्रांडिंग का काम भी करते हैं. अगर कोई छोटा व्यापारी अपना खुद का ड्राईफ्रूट ब्रांड शुरू करना चाहता है, तो अहमदाबाद कम लागत में अच्छा विकल्प माना जाता है.दिलचस्प बात यह है कि गुजरात में त्योहारों और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग की वजह से ड्राईफ्रूट बिजनेस सालभर चलता रहता है. (फोटो एआई)

6.जयपुर की मंडियां क्यों दे रही हैं सस्ता माल?

जयपुर की मंडियां क्यों दे रही हैं सस्ता माल?
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राजस्थान का जयपुर सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि सूखे मेवों के थोक कारोबार के लिए भी तेजी से उभर रहा है. यहां बड़ी मात्रा में काजू और किशमिश दूसरे राज्यों से लाकर बेची जाती है.जयपुर में गोदाम और स्टोरेज का खर्च कई महानगरों की तुलना में कम पड़ता है. यही वजह है कि यहां कुछ ड्राईफ्रूट्स अपेाकृत सस्ते मिल जाते हैं. कई छोटे शहरों के दुकानदार जयपुर से माल खरीदकर अपने इलाके में बेचते हैं. (फोटो एआई)
 

7.कोलकाता का बड़ाबाजार पूर्वी भारत का बड़ा केंद्र क्यों है?

कोलकाता का बड़ाबाजार पूर्वी भारत का बड़ा केंद्र क्यों है?
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कोलकाता का बड़ाबाजार पूर्वी भारत के सबसे पुराने ट्रेडिंग हब में शामिल है. यहां नेपाल, भूटान और दूसरे क्षेत्रों तक ड्राईफ्रूट्स की सप्लाई जाती है. इस बाजार में अलग-अलग क्वालिटी का माल मिलता है, जिससे छोटे बजट वाले कारोबारी भी आसानी से खरीदारी कर सकते हैं. यही वजह है कि नए व्यापारियों के लिए यह बाजार काफी लोकप्रिय माना जाता है. (फोटो एआई)
 

8. बेंगलुरु में हेल्थ ट्रेंड ने बढ़ाया ड्राईफ्रूट कारोबार

 बेंगलुरु में हेल्थ ट्रेंड ने बढ़ाया ड्राईफ्रूट कारोबार
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दक्षिण भारत में बेंगलुरु तेजी से हेल्थ फूड कैपिटल बनता जा रहा है. यहां ऑर्गेनिक और प्रीमियम ड्राईफ्रूट्स की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है. कई स्टार्टअप कंपनियां होलसेल मार्केट से माल लेकर ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन बॉक्स और हेल्दी स्नैक ब्रांड चला रही हैं. यही वजह है कि बेंगलुरु का ड्राईफ्रूट कारोबार अब सिर्फ ट्रेडिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक बड़ा स्टार्टअप मॉडल बन चुका है. (फोटो एआई)

9. ड्राईफ्रूट्स का रिसेल बिजनेस क्यों बन सकता है कम निवेश वाला अच्छा विकल्प?

 ड्राईफ्रूट्स का रिसेल बिजनेस क्यों बन सकता है कम निवेश वाला अच्छा विकल्प?
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ड्राईफ्रूट्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें खराब होने का खतरा दूसरे खाद्य पदार्थों की तुलना में कम होता है. यही वजह है कि छोटे निवेश से भी यह बिजनेस शुरू किया जा सकता है. अगर सही बाजार से थोक में खरीदारी की जाए, तो कई उत्पादों पर अच्छा मार्जिन मिल सकता है. खासकर त्योहारों, शादी सीजन और फिटनेस ट्रेंड के दौर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.यानी अगर कोई व्यक्ति घर से छोटा बिजनेस शुरू करना चाहता है, तो ड्राईफ्रूट्स का रिसेल मॉडल आने वाले समय में कमाई का मजबूत जरिया बन सकता है. (फोटो एआई)

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