लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Jan 23, 2026, 12:30 PM IST
1. भारत के कई राज्य कर्ज के बोझ तले दबे हैं

अक्सर आप ये खबर पढ़ते रहते हैं कि कौन सा देश सबसे बड़ा कर्जदार है और भारत की कर्जदारी कितनी है लेकिन क्या आपको ये पता है कि भारतीय खजाने यानी आरबीआई से सबसे ज्यादा कर्ज किस राज्य ने लिया है? 2025-26 के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के कई राज्य कर्ज के बोझ तले गंभीर रूप से दबे हैं.
2.भारतीय राज्यों का बढ़ता ऋण चुनौती बन रहा

भारत के कई राज्यों ने इतना कर्ज ले रखा है कि अब ये उनके लिए ही नहीं बल्कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के लिए भी चुनौती भरा साबित हो रहा है. RBI और राज्य बजट दस्तावेजों के अनुसार राज्यों का लिया गया ये कर्ज अब वहां के विकास, राजकोषीय स्थिरता और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को प्रभावित कर रहा है. 2026 की शुरुआत में राज्यों से और अधिक ऋण लिए जाने की संभावना है.
3.ये राज्य है सबसे बड़ा कर्जदार

कुल बकाया कर्ज के के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा कर्ज में डूबा राज्य है तमिलनाडु. इस राज्य का ऋण 2024 में 8.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और अनुमान है कि 31 मार्च, 2026 तक यह 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा. कल्याणकारी योजनाओं और अवसंरचना पर किए गए व्यय इसके मुख्य कारण हैं.
4.उत्तर प्रदेश का नंबर क्या है

कर्जदारों की लिस्ट में यूपी दूसरे स्थान पर है, जिसका अनुमानित ऋण 2025-26 तक 8.2 लाख करोड़ रुपये से 8.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा.
5.तीसरे नंबर पर है ये राज्य

कर्जदारों की लिस्ट में महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है. इस राज्य का 2024-25 में उसका ऋण लगभग 7.22 लाख करोड़ रुपये था.
6.पश्चिम बंगाल और कर्नाटक का हाल भी समझ लें

पश्चिम बंगाल लगभग 6.58 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ चौथे स्थान पर है, इतना ही नहीं, राज्य का ऋण-जीडीपी अनुपात भी बहुत अधिक है. वहीं, कर्नाटक की बात करें तो वह 5.97 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ पांचवें स्थान पर है.
7.MP-राजस्थान-आंध्र प्रदेश और गुजरात कहां करता है स्टैंड

राजस्थान की बात करें तो इस राज्य पर 5.62 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है. आंध्र प्रदेश का कुल कर्ज 4.90 लाख करोड़ रुपये है. गुजरात की बात करें तो इस राज्य का कुल कर्ज 4.69 लाख करोड़ रुपये है. इसके साथ ही केरल का कुल कर्ज बढ़कर 4.29 लाख करोड़ रुपये हो गया है. वहीं मध्य प्रदेश का कुल कर्ज 4.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है.
8.इस राज्य कर्ज का अच्छा प्रबंधन किया है

हालांकि इन सभी राज्यों पर भारी कर्ज है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात ने अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 20% की सीमा के भीतर कर्ज रखकर अपने वित्त का अच्छा प्रबंधन किया है. वहीं दूसरी ओर, केरल और राजस्थान जैसे राज्यों के लिए, यह कर्ज उनकी अर्थव्यवस्थाओं के आकार के अनुपात में कहीं अधिक माना जाता है.
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