लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | May 17, 2026, 07:49 AM IST
1.मौसम में इतना तीव्र बदलाव होता क्यों है?

जिस शहर में सुबह से रात तक जहां एसी के बिना रहना मुश्किल होता है, उसी शहर में कुछ महीनों बाद लोग हीटर के बिना नहीं रह पाते. भारत में कुछ शहर ऐसे हैं जहां मौसम सिर्फ बदलता नहीं, बल्कि चरम पर पहुंच जाता है. गर्मियों में सड़कें आग उगलती हैं और सर्दियों में हाथ सुन्न होने लगते हैं. मौसम का यह खतरनाक उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत, बिजली बिल, पानी की खपत और यहां तक कि नौकरी और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ने लगता है. यही वजह है कि इन शहरों का मौसम अब वैज्ञानिकों और आम लोगों दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुका है. क्योंकि हर साल गर्मी या सर्दी का इन शहरों का रिकार्ड टूटता रहता है. आखिर मौसम में इतना तीव्र बदलाव होता क्यों है?
2.दिल्ली, जहां मौसम हर सीजन में लोगों की परीक्षा लेता है

राजधानी दिल्ली उन शहरों में शामिल है जहां गर्मियों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, जबकि सर्दियों में पारा कई बार 4 से 1 डिग्री तक गिर जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है यहां का भौगोलिक स्थान. दिल्ली न तो समुद्र के पास है और न ही यहां कोई बड़ी प्राकृतिक बाधा गर्म हवाओं को रोकती है. गर्मी में राजस्थान से आने वाली लू शहर को झुलसा देती है, जबकि सर्दियों में हिमालय की तरफ से आने वाली ठंडी हवाएं तापमान गिरा देती हैं. ऊपर से कंक्रीट और ट्रैफिक ने “हीट आइलैंड इफेक्ट” को और खतरनाक बना दिया है. (फोटो एआई)
3.जयपुर और चुरू, जहां रेगिस्तान मौसम को चरम पर पहुंचा देता है

राजस्थान के कई शहर दिन में इतने गर्म हो जाते हैं कि सड़कें तक तपने लगती हैं. खासकर चुरू और जयपुर में गर्मियों के दौरान तापमान बेहद ऊंचा रिकॉर्ड किया जाता है. लेकिन यही इलाके सर्दियों में अचानक बेहद ठंडे भी हो जाते हैं. दरअसल, रेगिस्तानी इलाकों में नमी बहुत कम होती है. दिन में जमीन तेजी से गर्म होती है और रात में उतनी ही तेजी से ठंडी भी. यही कारण है कि यहां मौसम का अंतर बाकी शहरों की तुलना में ज्यादा महसूस होता है. (फोटो एआई)
4.नागपुर और विदर्भ, जहां गर्म हवाएं जिंदगी मुश्किल बना देती हैं

महाराष्ट्र का नागपुर और विदर्भ क्षेत्र भी देश के सबसे गर्म इलाकों में गिने जाते हैं. यहां गर्मियों में गर्म हवा और सूखी जलवायु लोगों को परेशान कर देती है. लेकिन सर्दियों में तापमान तेजी से गिरता है और सुबह-शाम ठंड महसूस होने लगती है. विशेषज्ञ मानते हैं कि लगातार कटते पेड़ और बढ़ती शहरीकरण की वजह से यहां का तापमान पहले से ज्यादा अस्थिर हो गया है. इसका सीधा असर बिजली खपत और स्वास्थ्य समस्याओं पर दिखने लगा है. (फोटो एआई)
5.ग्वालियर और उत्तर भारत के मैदान क्यों बनते हैं मौसम का शिकार?

मध्य भारत के शहर जैसे ग्वालियर और कानपुर भी चरम मौसम के लिए जाने जाते हैं. यहां गर्मियों में तेज धूप और गर्म हवाएं आम बात हैं. वहीं सर्दियों में कोहरा और ठंडी हवाएं जिंदगी की रफ्तार धीमी कर देती हैं. इन शहरों में बढ़ता प्रदूषण भी मौसम को और ज्यादा खतरनाक बना रहा है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदूषण हवा के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ देता है, जिससे गर्मी ज्यादा महसूस होती है और सर्दियों में स्मॉग बढ़ जाता है. (फोटो एआई)
6.श्रीनगर और लेह में मौसम का दूसरा चरम

अगर देश के कुछ हिस्से गर्मी से झुलसते हैं, तो कुछ शहर ऐसे भी हैं जहां सर्दियां जिंदगी रोक देती हैं. श्रीनगर और लेह जैसे इलाकों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे पहुंच जाता है. लेकिन गर्मियों में यही जगहें काफी सुहावनी महसूस होती हैं. दिलचस्प बात यह है कि पहाड़ी इलाकों में दिन और रात के तापमान में भारी अंतर होता है. यही वजह है कि यहां मौसम अचानक बदलता हुआ महसूस होता है. (फोटो एआई)
7.मौसम इतना अस्थिर क्यों हो रहा है?

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, तेजी से बढ़ते कंक्रीट शहर, कम होती हरियाली और प्रदूषण इसके बड़े कारण हैं. पहले जिन शहरों में मौसम संतुलित रहता था, वहां भी अब हीटवेव और कोल्डवेव जैसी स्थितियां आम हो रही हैं. इसका असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है. लोगों की नींद, मानसिक स्वास्थ्य, काम करने की क्षमता और यहां तक कि हार्ट और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी इससे प्रभावित हो रही हैं. (फोटो एआई)
8.आने वाले समय में क्या बदल सकता है?

मौसम वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर शहरों की प्लानिंग और हरियाली पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में भारत के कई शहरों में मौसम और ज्यादा चरम हो सकता है. यानी भविष्य में गर्मियां और ज्यादा गर्म और सर्दियां और ज्यादा ठंडी महसूस हो सकती हैं. ऐसे में अब सिर्फ एसी और हीटर से काम नहीं चलेगा. शहरों को रहने लायक बनाए रखने के लिए हरियाली, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर गंभीरता से काम करना जरूरी होगा. (फोटो एआई)
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