लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Jun 04, 2025, 08:23 AM IST
1.अंग्रेज परिवार

बिहार और दिल्ली के दो ऐसे परिवार है जिनकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. लोग इस परिवार को अंग्रेज परिवार कहते हैं. जबकि हकीकत कुछ और है.
2.ये फैमेली दिल्ली की है

उत्तरी दिल्ली के वजीरपुर में एक बेडरूम वाले घर में पुल्लन परिवार रहता है और ये भी अपनी गोरी चमड़ी के कारण अंग्रेज कहे जाते हैं. हालांकि ये इंडियन हैं. लोग उनकी गोरी त्वचा के कारण उन्हें 'सूरजमुखी' या 'अंग्रेज' (ब्रिटिश) कहकर पुकारते हैं. परिवार के 10 सदस्य विदेशी नहीं हैं, लेकिन त्वचा, बाल और आंखों का रंग उन्हें विदेशी बनाता है.
3.दूसरी फैमेली बिहार की है

बिहार के गोपालगंज का एक परिवार भी विदेशी कहा जाता है क्योंकि इनका रंग-रूप सब कुछ अमेरिकन या ब्रिटीश की तरह है.
4.परिवार आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित है

ऐसे केस भारत में आपको कई और जगह मिल जाएंगे क्योंकि ये दरअसल परिवार आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित है. इस बीमारी का नाम है ऐल्बिनिज़म.
5.क्या है ये ऐल्बिनिज़म जेनेटिक बीमारी

ऐल्बिनिज़म एक आनुवंशिक रोग है. इसमें शरीर में मेलेनिन का स्राव काफी कम हो जाता है. किसी व्यक्ति के शरीर में जितना अधिक मेलेनिन बनता है, उसकी त्वचा का रंग उतना ही गहरा होता है. ऐल्बिनिज़म में शरीर मेलेनिन का उत्पादन नहीं करता. इस कारण इससे पीड़ित व्यक्ति बहुत गोरा दिखता है. आपको बता दें कि लोग अक्सर ऐल्बिनिज़म और वर्टिगो को लेकर भ्रमित रहते हैं. लेकिन ये दो अलग-अलग स्थितियां हैं. चक्कर आना कोई आनुवांशिक बीमारी नहीं है. यह जन्म के बाद होता है. जबकि ऐल्बिनिज़म मनुष्यों को जन्म से ही प्रभावित करता है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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