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अगर तीसरा विश्व युद्ध छिड़ गया तो ये 14 देश पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे, आखिर क्यों दुनिया की तबाही का यहां नहीं होगा असर?

Which place would be safe to save lives in Third World War?-क्या आपको पता है कि अगर तीसरा विश्व युद्ध छिड़ जाए तो भी धरती पर 14 ऐसी जगहें हैं जहां तबाही का कोई असर नहीं होगा. जान बचाने के लिए दुनिया की सबसे सेफेस्ट जगह कौन सी होगी, चलिए जानें.

ऋतु सिंह | Mar 09, 2026, 08:01 AM IST

1. वैश्विक तनाव के बीच फिर उठने लगा तीसरे विश्व युद्ध का डर

 वैश्विक तनाव के बीच फिर उठने लगा तीसरे विश्व युद्ध का डर
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मध्य पूर्व में इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार हमलों के कारण वैश्विक तनाव तेजी से बढ़ रहा है. इस संघर्ष के चलते दुनिया भर में तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अगर कभी विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो दुनिया के कई बड़े देश गंभीर तबाही का सामना कर सकते हैं. हालांकि, दुनिया में कुछ ऐसे देश और क्षेत्र भी हैं जिन्हें भौगोलिक स्थिति, तटस्थ नीति और कम आबादी के कारण अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है. आइए जानते हैं ऐसे देशों के बारे में जो युद्ध की स्थिति में भी अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं.
 

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2.स्विट्जरलैंड और सिंगापुर: तटस्थ नीति और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था

स्विट्जरलैंड और सिंगापुर: तटस्थ नीति और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
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स्विट्जरलैंड लंबे समय से दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में गिना जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है इसकी ऐतिहासिक तटस्थता की नीति, जिसके तहत यह देश कई दशकों से वैश्विक सैन्य संघर्षों से दूर रहा है. इसके अलावा स्विट्जरलैंड का पहाड़ी भूभाग भी प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है. आल्प्स पर्वत की ऊंची श्रृंखलाएं किसी भी सैन्य हमले को कठिन बना देती हैं. यहां नागरिक सुरक्षा के लिए भूमिगत बंकरों का मजबूत नेटवर्क भी मौजूद है. सिंगापुर को भी कई रणनीतिक विश्लेषक सुरक्षित देशों में गिनते हैं. सीमित क्षेत्रफल के बावजूद यहां अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली और आपातकालीन तैयारी की मजबूत व्यवस्था है.(Photo Credit - AI Generated)
 

3.द्वीपीय देश: दूरी बन सकती है सुरक्षा की ढाल

द्वीपीय देश: दूरी बन सकती है सुरक्षा की ढाल
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कई विशेषज्ञों के अनुसार दूर स्थित द्वीपीय देश वैश्विक युद्ध की स्थिति में अपेक्षाकृत सुरक्षित रह सकते हैं. न्यूजीलैंड, आइसलैंड और ऑस्ट्रेलिया ऐसे ही देशों में शामिल हैं जो बड़े युद्ध क्षेत्रों से काफी दूर स्थित हैं. इन देशों की भौगोलिक दूरी इन्हें कई संभावित सैन्य टकरावों से अलग रखती है. साथ ही इन देशों की राजनीतिक स्थिरता और मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली भी इन्हें बेहतर स्थिति में रखती है. विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि बड़े परमाणु शक्तियों से दूरी होने के कारण यहां परमाणु विकिरण के सीधे प्रभाव का खतरा अपेक्षाकृत कम हो सकता है.(Photo Credit - AI Generated)
 

4.दक्षिण अमेरिका के कुछ देश भी माने जाते हैं सुरक्षित

दक्षिण अमेरिका के कुछ देश भी माने जाते हैं सुरक्षित
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रणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार चिली, उरुग्वे और अर्जेंटीना जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों को भी संभावित रूप से अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है. इन देशों की भौगोलिक स्थिति उन्हें कई बड़े सैन्य गठबंधनों और परमाणु हथियारों वाले क्षेत्रों से दूर रखती है. दक्षिण अमेरिका में सक्रिय सैन्य तनाव भी अन्य महाद्वीपों की तुलना में कम देखने को मिलता है. हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि वैश्विक युद्ध की स्थिति में आर्थिक संकट और आपूर्ति श्रृंखला पर असर इन देशों तक भी पहुंच सकता है.(Photo Credit - AI Generated)
 

5.ग्रीनलैंड: दूरस्थ स्थान और कम आबादी

ग्रीनलैंड: दूरस्थ स्थान और कम आबादी
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ग्रीनलैंड दुनिया के सबसे दूरस्थ इलाकों में से एक है. यहां की आबादी बहुत कम है और औद्योगिक ढांचा भी सीमित है. इसी कारण कई सुरक्षा शोधों में इसे वैश्विक संघर्ष के दौरान कम जोखिम वाले क्षेत्रों में गिना जाता है. इसकी भौगोलिक स्थिति इसे बड़े सैन्य लक्ष्यों की सूची से दूर रख सकती है.(Photo Credit - AI Generated)

6.भूटान और फिजी: प्राकृतिक सुरक्षा और भौगोलिक दूरी

भूटान और फिजी: प्राकृतिक सुरक्षा और भौगोलिक दूरी
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हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित भूटान भी अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है. सीमित सैन्य महत्व और शांत कूटनीतिक नीति इसकी सुरक्षा को और मजबूत बनाती है. इसी तरह प्रशांत महासागर में स्थित फिजी भी काफी दूरस्थ द्वीपीय देश है. घने जंगल और समुद्री दूरी इसे वैश्विक संघर्ष से कुछ हद तक दूर रख सकती है. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे देशों को युद्ध के दौरान खाद्य आपूर्ति और वैश्विक व्यापार बाधित होने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.(Photo Credit - AI Generated)
 

7.आर्कटिक और अंटार्कटिका: कम आबादी वाले बर्फीले क्षेत्र

आर्कटिक और अंटार्कटिका: कम आबादी वाले बर्फीले क्षेत्र
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आर्कटिक और अंटार्कटिका दुनिया के सबसे कम आबादी वाले क्षेत्र हैं. यहां का बेहद कठोर मौसम और विशाल बर्फीला भूभाग बड़े सैन्य अभियानों को लगभग असंभव बना देता है. इसी कारण कई विश्लेषणों में इन्हें संभावित रूप से कम जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में देखा जाता है. हालांकि इन क्षेत्रों में लंबे समय तक मानव जीवन बनाए रखना बेहद कठिन है.(Photo Credit - AI Generated)
 

8.एंग्लेसी और कॉर्नवाल: यूरोप के दूरस्थ तटीय क्षेत्र

एंग्लेसी और कॉर्नवाल: यूरोप के दूरस्थ तटीय क्षेत्र
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कुछ शोधों में यूरोप के कम आबादी वाले तटीय क्षेत्रों का भी उल्लेख किया जाता है. वेल्स के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित एंग्लेसी द्वीप अपेक्षाकृत शांत और कम आबादी वाला क्षेत्र है. इसी तरह इंग्लैंड के दक्षिण-पश्चिम में स्थित कॉर्नवाल भी ग्रामीण और तटीय भूभाग के कारण प्रमुख सैन्य केंद्रों से दूर माना जाता है. हालांकि विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि वैश्विक युद्ध की स्थिति में कोई भी स्थान पूरी तरह सुरक्षित नहीं कहा जा सकता.(Photo Credit - AI Generated)

9.विशेषज्ञों की राय: कोई जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं

विशेषज्ञों की राय: कोई जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं
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अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक दौर में लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणु हथियारों के कारण दुनिया का कोई भी हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक युद्ध होता है तो इसका असर केवल युद्ध क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक संकट, खाद्य आपूर्ति की कमी और मानवीय संकट के रूप में पूरी दुनिया पर पड़ेगा. इसीलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि कूटनीतिक समाधान और वैश्विक सहयोग ही ऐसे किसी बड़े संघर्ष को रोकने का सबसे प्रभावी रास्ता है.(Photo Credit - AI Generated)
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