लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Aug 10, 2025, 10:34 AM IST
1.कई सपने असंबंधित होते हैं

हम हर रात कोई न कोई सपना देखते हैं. कुछ सपने हमें अगली सुबह याद रहते हैं. कुछ सपने हमें लाख कोशिश करने के बाद भी याद नहीं रहते. और तो और, कुछ सपने इतने असंबंधित लगते हैं कि हम उन्हें देखते भी हैं, और फिर बाद में हम अंदाज़ा लगाने की कोशिश करते हैं कि वे सपने क्या हैं और उन्हें किसी न किसी चीज़ से जोड़ते हैं.
2.वो जगहें क्यों दिखाई देती हैं जिन्हें हमने कभी देखा

अब ज़रा सोचिए, कहते हैं कि सपनों में हम वो चीज़ें देखते हैं जिन्हें हम अक्सर देखते या सोचते हैं. लेकिन अगर ऐसा है, तो फिर कभी-कभी हमें सपनों में वो जगहें क्यों दिखाई देती हैं जिन्हें हमने कभी देखा ही नहीं? क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है?
3.सपनों में क्यों दिखती हैं ये जगहें?

यह वाकई सोचने वाली और रहस्यमयी बात है कि जो चीज़ हमने देखी या कल्पना नहीं की, वह हमारे सपनों में कैसे आ सकती है? दरअसल, इसके पीछे विज्ञान है, आइए इसे समझते हैं.
4.न्यूरोसाइंटिस्ट ने खोला सपनों का राज

न्यूरोसाइंटिस्ट सिद्धार्थ रिबेरो, जो "द ऑरेकल ऑफ़ नाइट: द हिस्ट्री ऑफ़ द साइंस ऑफ़ ड्रीम्स" के लेखक हैं, का मानना है कि इस दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो सपने न देखता हो. यह सच है कि कुछ लोगों को अपने सपने याद रहते हैं और कुछ भूल जाते हैं. लेकिन सपने तो हर कोई देखता है.
5.सपने स्मृति श्रृंखलाओं पर आधारित है

दरअसल, विज्ञान मानता है कि सपनों की पूरी कहानी हमारी स्मृति श्रृंखलाओं के विद्युतीय सक्रियण (Electrical activation of memory chains) पर आधारित है. ये स्मृति श्रृंखलाएँ REM नींद के दौरान जुड़ती हैं और फिर मिलकर एक सपना बनाती हैं. यह सपना हमारे प्री-फ्रंटल कॉर्टेक्स में घटित हो रहा होता है. इस दौरान हम बहुत कुछ देख रहे होते हैं और उसका हिस्सा बन रहे होते हैं.
6.अनजान जगहों पर कैसे पहुंचते हैं हम

लेकिन फिर आइए जानें कि हम अनजान जगहों पर कैसे पहुंचते हैं या उन्हें सपनों में कैसे देखते हैं. जब आप सपने में किसी ऐसी जगह पहुँचते हैं जिसके बारे में आपको पता भी नहीं होता, तो उसके पीछे आपकी कल्पनाशक्ति काम कर रही होती है. सपने हमारे वर्तमान जीवन का एक हिस्सा हैं. ये आपके देखे, सुने, महसूस किए और सोचे गए विचारों के आधार पर बनते हैं.
7.जो देखा या सोचा दिमाग में स्टोर हो जाता है

कई बार, इन सबका मिश्रण आपके सामने इस तरह से प्रकट होता है कि आपको समझ ही नहीं आता. सीधे शब्दों में कहें तो, आपने दिन में कोई फिल्म देखी और उसमें कई दृश्य थे. जैसे रेगिस्तान, बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल और तेज़ बहती नदियां. बस कुछ ही घंटों में, आपकी आँखों के सामने कई दृश्य आ गए हैं. ऐसे में, जब सोने के बाद सपने बनते हैं, तो ये दृश्य आपस में मिलकर एक नई जगह बनाते हैं. हो सकता है आपको रेगिस्तान में तेज़ बहती नदी दिखाई दे या घने जंगल के बीच बर्फ़ से ढका एक अकेला सफ़ेद पहाड़.
8.कई अधूरी इच्छाएं भी लेती हैं मूर्त रूप

आपकी कई कई अधूरी इच्छाएं भी सपने में मूर्त रूप लेती हैं. जैसे आपको कहीं जाने की, घूमने की इच्छा है तो आप उस जगह के बारे में कल्पना करते हैं, वीडियो देखते हैं या सोचते हैं. ये सब अनकॉन्शियस माइंट में स्टोर होते जाते हैं और सपने में नजर आते हैं.
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