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क्या महिलाओं का लिविंग पार्टनर की संपत्ति पर अधिकार होता है? लिव-इन रिलेशनशिप में मिलते हैं ये 4 अधिकार 

What are these 4 rights available in live-in relationships?; भारत में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का चलन बढ़ा है और यही देखते हुए अब लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं को 4 अधिकार भी कानूनी रूप से वैध कर दिए गए हैं.

ऋतु सिंह | Aug 10, 2025, 12:03 PM IST

1.लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता

लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता
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भारत में लिव-इन रिलेशनशिप का चलन बढ़ रहा है. समाज ने भले ही अभी इस चलन को स्वीकार न किया हो, लेकिन कानूनन इसे अपराध भी नहीं माना जाता. कुछ शर्तों का पालन करने पर भारत में लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दे दी गई है. इसमें दो वयस्क आपसी सहमति से बिना शादी किए भी साथ रह सकते हैं. भारतीय कानून, खासकर सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों ने इसे सामाजिक और कानूनी तौर पर वैध माना है.

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2.लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं के अधिकार

लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं के अधिकार
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लेकिन कई बार लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स में किसी बात को लेकर लड़ाई या मतभेद हो जाता है. यही आगे चलकर महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न या हिंसा का कारण बनता है. ऐसे में लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं के क्या अधिकार हैं, क्या महिलाओं का अपने पार्टनर की संपत्ति पर अधिकार होता है? कई सवाल भी उठ रहे हैं.
 

3.लिव-इन रिलेशनशिप और अधिकार

लिव-इन रिलेशनशिप और अधिकार
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भारत के उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद पहली बार किसी जोड़े को लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की कानूनी मान्यता दी गई है. बदलते सामाजिक ढांचे में लिव-इन रिलेशनशिप, यानी शादी के बाहर साथ रहने को अब कानूनी मान्यता मिल रही है और ऐसे रिश्तों में रहने वाली महिलाओं को कई अहम अधिकार और सुरक्षा मिल रही है. इन महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न कानूनों के आधार पर सुरक्षा के अधिकार मिले हैं.
 

4.घरेलू हिंसा से सुरक्षा

घरेलू हिंसा से सुरक्षा
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लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला को 'घरेलू साथी' माना जाता है. इसलिए, उसे घरेलू हिंसा से सुरक्षा मिलती है. अगर उसका साथी उसे परेशान करता है, तो वह 'घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005' के तहत शिकायत दर्ज करा सकती है.

5.गुजारा भत्ता का अधिकार

गुजारा भत्ता का अधिकार
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अगर कोई महिला लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद अपने साथी से अलग हो जाती है, तो वह गुजारा भत्ता मांग सकती है. अदालत इस पर विचार कर सकती है और आर्थिक सहायता की व्यवस्था कर सकती है.
 

6.बच्चों के अधिकार

बच्चों के अधिकार
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लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चे कानूनन वैध माने जाते हैं. ऐसे बच्चे अपने पिता की संपत्ति के उत्तराधिकारी होते हैं. वे माता-पिता के अधिकारों और जिम्मेदारियों के भी अधीन होते हैं.
 

7.घर में रहने का अधिकार

घर में रहने का अधिकार
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लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला को अपने साथी के घर में रहने का अधिकार है. अगर उसका साथी उसे घर से निकालने की कोशिश करता है, तो वह कानूनी सुरक्षा की मांग कर सकती है.
 

8. लिविंग पार्टनर की संपत्ति पर अधिकार

 लिविंग पार्टनर की संपत्ति पर अधिकार
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नहीं, भारत में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला को अपने पार्टनर की संपत्ति पर कानूनी रूप से कोई अधिकार नहीं होता है. 

डिसक्लेमरः ये खबर सामान्य जानकारी के आधार पर लिखी गई है, अधिक जानकारी के लिए एडवोकेट से संपर्क करें

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