लाइफस्टाइल
ऋतु सिंह | Aug 30, 2025, 11:15 AM IST
1.पीएम मोदी ने की थी महिलाओं की इस पहल की तारीफ

रांची से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित आरा केरम गांव एक अनूठी मिसाल है, जहाँ महिलाओं ने सामूहिक शक्ति से गांव को शराब मुक्त और आत्मनिर्भर बनाया है. इस गांव की कहानी इतनी प्रेरणादायक है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 'मन की बात' में इसकी तारीफ की थी.
2. महिलाओं को एकजुट होकर इसका समाधान निकाला

तीन साल पहले, इस गांव में शराब की लत हर घर में थी, जिसकी वजह से पुरुष अपनी घरेलू ज़िम्मेदारियां पूरी नहीं कर पा रहे थे. इस समस्या ने महिलाओं को एकजुट होकर इसका समाधान ढूँढने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने ठान लिया कि इस लत को जड़ से मिटाना ही होगा, और इस तरह एक अनूठी मुहिम शुरू की गई.
3. शराब की बिक्री और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाया

महिलाओं ने पहले भी आस-पास के गांवों में जाकर गांव में शराब की बिक्री और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाया था और भट्टियों को बंद कराया था. जब गाँव में शराब मिलना बंद हो गई, तो कुछ पुरुष शहर से शराब लाने लगे. इससे निपटने के लिए, महिलाओं ने एक समूह बनाया और गाँव में शराब पीकर घुसने वाले पुरुषों की लाठियों से पिटाई शुरू कर दी. इस सख्ती से पुरुषों में डर पैदा हुआ और उन्होंने धीरे-धीरे शराब पीने की आदत छोड़ दी. इस प्रयास से गाँव धीरे-धीरे पूरी तरह से शराब मुक्त हो गया है.
4. पैसे बचवाकर सब्ज़ियां, दूध-दही जैसे पौष्टिक आहार पर कराया खर्च

महिलाओं ने न सिर्फ़ शराब पीना छोड़ा, बल्कि पुरुषों को ज़िम्मेदार बनाने की भी कोशिश की. उन्होंने पुरुषों को समझाया कि उन्हें शराब और तंबाकू पर खर्च होने वाले पैसे बचाकर सब्ज़ियां, दूध-दही जैसे पौष्टिक आहार पर खर्च करना चाहिए. इससे परिवार का स्वास्थ्य बेहतर होगा और बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पैसे बचेंगे. इस समझाइश ने पुरुषों का मन बदल दिया और वे घर की ज़िम्मेदारियाँ खुद उठाने लगे.
5.आरा केरम गांव की स्थिति पूरी तरह बदल गई है

आज आरा केरम गांव की स्थिति पूरी तरह बदल गई है. गाँव का हर पुरुष अब कृषि कार्य में लगा हुआ है, जिससे गाँव आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना है. खेती के अलावा, गाँव के बच्चे सरकारी स्कूलों में नियमित शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिससे गाँव का भविष्य उज्जवल हो रहा है. महिलाओं की इस मुहिम ने गाँव के सामाजिक और आर्थिक ढाँचे को मज़बूत किया है.
6. प्रेरणादायक उदाहरण है महिलाओं का ये कदम

आरा केरम गांव की यह कहानी देश भर के गांवों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है. महिलाओं के साहस, एकता और दृढ़ संकल्प से इस गाँव ने न केवल शराब की लत को हराया, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्थिरता भी हासिल की. इस गाँव की सफलता दर्शाती है कि सामूहिक प्रयासों और दृढ़ निश्चय से किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है.
7.लाठी-पत्थर अभियान लाया रंग

गांव की महिलाएं बताती हैं कि "पहले शराब की लत से हर घर में महिलाएँ परेशान थीं, लेकिन सामूहिक प्रयासों से उन्होंने इस समस्या पर काबू पा लिया है. उनके लाठी-पत्थर अभियान ने न सिर्फ़ शराब की लत को जड़ से मिटाया है, बल्कि गाँव के लोगों में ज़िम्मेदारी का एहसास भी जगाया है. आज इस गाँव में कोई भी शराब नहीं पीता और सभी अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं."
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