लाइफस्टाइल
Abhay Sharma | Nov 11, 2025, 09:19 PM IST
1.क्यों होती है ये समस्या?

बता दें कि जब नाक और गले में जमा कफ सांस को सही ढंग से गुजरने नहीं देता, तो इससे खर्राटे और सूखा मुंह जैसी समस्याएं हो सकती हैं. आप इससे निपटने के लिए 7 दिन का सरल आयुर्वेदिक प्लान अपना सकते हैं. आइए जानें यह खास 7 डे प्लान...
2.पहला दिन- नस्य थेरेपी से करें शुरुआत

पहले दिन नस्य थेरेपी से इसकी शुरुआत करें. इसके लिए सुबह और रात को सोने से पहले 2-2 बूंद अणु तेल दोनों नथुनों में डालें. यह नाक खोलने और गले की सूजन कम करने में मदद करता है. इसके साथ दिनभर सिर्फ गरम पानी पिएं.
3.दूसरा दिन- इस पानी से गरारे करें

इसके बाद दूसरे दिन रात को गुनगुने पानी में हल्दी और नमक डालकर गरारा करें, फिर अजवाइन डालकर 5 मिनट भाप लें और सोते समय करवट लेकर सोएं.
4.तीसरा दिन- शहद और अदरक थेरेपी

इसके लिए 1 चम्मच अदरक का रस और 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार लें. ऐसा करने से गले की सूजन, सूखापन और खर्राटे की समस्या कम होगी. इसके अलावा रात का भोजन हल्का लें.
5.चौथा दिन- आहार सुधारें

दही, दूध और मीठे का सेवन कम करें और हल्का भोजन जैसे मूंग दाल खिचड़ी या सूप लेना शुरू करें. इसके अलावा नींबू पानी और तुलसी चाय दिनभर पीते रहें और सुबह भ्रामरी प्राणायाम 10 बार करें.
6.पांचवा दिन- गले की मालिश करें

इसके लिए गले पर हल्का गर्म सरसों या नारियल तेल लगाकर मालिश करें और सोने से पहले 2 बूंद घी नाक में डालें. इससे आपको राहत दिखना शुरू हो जाएगा.
7.छठा दिन- हर्बल काढ़ा

इसके बाद छटे दिन हर्बल काढ़ा बनाएं, इसमें तुलसी, मुलेठी, अदरक और दालचीनी उबालें. रोजाना सुबह-शाम इसे पिएं. इसके अलावा रात में सोने से पहले अजवाइन भाप लें.
8.सातवां दिन- शरीर का संतुलन बनाए रखें.

इसके लिए सुबह 15 मिनट ध्यान और प्राणायाम (अनुलोम-विलोम और भ्रामरी) करें और रात में गले पर हल्का गर्म कपड़ा रखें, इससे आपको आराम मिल सकता है.
9.इन बातों का रखें ध्यान

आयुर्वेदिक रूप से गरम पानी, अदरक-हल्दी वाली चाय, तुलसी और मुलेठी का सेवन इसमें फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा तैलीय, भारी और ठंडी चीजें कम लें और धूम्रपान, शराब और ज्यादा मीठा न लें, वजन नियंत्रित रखें और कमरे में नमी बनाए रखें. साथ ही सोते समय नाक से सांस लेने की आदत डालें. अगर खर्राटों के साथ नींद में सांस रुकने या झटके जैसी समस्या है तो इस स्थिति में विशेषज्ञ से परामर्श लें. इनपुचट- आईएएनएस
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