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World's most 'cursed' plane: अहमदाबाद में एयर इंडिया ड्रीमलाइनर 787-8 के क्रैश होने का हादसा भूल नहीं भूल रहा. लेकिन क्या आपको पता है कि इन दिनों ऐसे विमानों की चर्चा हो रही है जिसे श्रापित माना जा रहा है. क्योंकि इसका 6 हजार दुर्घटनाओं और 9 हजार मौतों से नाता रहा है.
What is the difference between Boeing and Airbus: सिर्फ़ भारत की बात करें तो पिछले 10 सालों में दो बड़े विमान हादसे हुए हैं और दोनों ही बोइंग विमान से जुड़े थे. अगस्त 2020 में, केरल के कोझिकोड में एयर इंडिया बोइंग 737-8HG विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और 2025 में अहमदाबाद में एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
दुनिया भर में कई विमान दुर्घटनाएं हुई हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पिछले दशक में हुई सभी विमान दुर्घटनाओं में से लगभग आधी दुर्घटनाएं बोइंग विमान से जुड़ी हुई हैं. इसलिए बोइंग विमान को अब लोग श्रापित विमान कहने लगे हैं.
बोइंग था कभी सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित विमान
तो सवाल यह है कि बोइंग, जिसे कभी सबसे विश्वसनीय और सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, अब संदेह और सवालों के केंद्र में क्यों है? बोइंग विमान की सुरक्षा को लेकर इतने सवाल क्यों उठ रहे हैं? क्या इसका कारण विनिर्माण दोष, डिज़ाइन दोष या कंपनी की लापरवाही है?
क्यों बदनाम हो रही बोइंग
161.36 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ वाली कंपनी बोइंग अब अपने हादसों के लिए बदनाम है. अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग के 108 साल के इतिहास में 6,000 से ज़्यादा विमान हादसे हुए हैं. इन हादसों में 9,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
बोइंग 450 से ज़्यादा दुर्घटनाओं में शामिल रहा है, जिसमें 2 से लेकर 583 लोगों की मौत हुई है. बोइंग की सुरक्षा और तकनीकी खामियाँ लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं. बैटरी की समस्याएँ और अन्य भयावह घटनाएँ हुई हैं, जैसे बीच उड़ान में दरवाज़ा खुल जाना.
बोइंग की बैटरी में समस्या
2013 में बोइंग ड्रीमलाइनर में बैटरी की समस्या आई थी. बोइंग की लिथियम-आयन बैटरी ज़्यादा गरम होने की वजह से दो जापानी विमानों में आग लग गई थी. इस घटना के बाद बोइंग ड्रीमलाइनर को तीन महीने के लिए रोक दिया गया था. 2013 में लंदन के रनवे पर बोइंग के एक विमान में आग लग गई थी और शॉर्ट सर्किट को इसका कारण बताया गया था.
इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी
2021 में एक जांच में पाया गया कि 100 से ज़्यादा बोइंग ड्रीमलाइनर में इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी थी. इन खराबी की वजह से उन विमानों को रोक दिया गया था.
बोइंग पर सबसे ज्यादा शिकायतें
2024 में, सिडनी से ऑकलैंड जाते समय एक बोइंग विमान बीच हवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उसी वर्ष, सैन फ्रांसिस्को जा रहे एक बोइंग विमान की विंडस्क्रीन बीच हवा में फट गई. 2024 में, अलास्का एयरलाइंस की एक उड़ान के दौरान एक दरवाज़ा टूट गया. बोइंग को इस घटना के लिए 160 मिलियन डॉलर का मुआवज़ा देना पड़ा. और इतना ही नहीं - बोइंग पर कई शिकायतें भी की गई हैं, जिनमें आग की चेतावनी, टूटी हुई विंडस्क्रीन और यहां तक कि अटके हुए लैंडिंग गियर शामिल हैं.
डिज़ाइन की खामियां
बोइंग के इंजीनियर जोशुआ डीन ने 737 मैक्स विमान में डिज़ाइन की खामियां उजागर कीं. इसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. 2024 में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई. 2019 में बोइंग के क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर डॉन बर्नेट ने 787 ड्रीमलाइनर में खामियां उजागर कीं और बोइंग के खिलाफ़ मुकदमा दायर किया. लेकिन 2024 में उनकी भी मृत्यु हो गई. बोइंग ने न केवल यात्री विमानों में बल्कि सैन्य विमानों में भी खामियाँ पाई हैं. बार-बार शिकायतों के बावजूद
बोइंग और एयरबस में क्या है अंतर
दो प्रमुख कमर्शियल विमान निर्माता हैं- बोइंग और एयरबस. दोनों ही अपने डिजाइन में भिन्न हैं, विशेष रूप से पायलट कंट्रोलिंग और आटोमोशन में. बोइंग में पायलट को मैनुअल कंट्रोल ज्यादा करना होता है जबकि एयरबस फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम और विमान ऑटोमेटेड जैसी नई तकनीक वाला होता है. दोनों में टेक्निकल डिफरेंस बहुत है. इसलिए एयरबस को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
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