लाइफस्टाइल
अमेरिका में वीजा के नियम एक बार फिर सख्त कर दिए गए हैं. ट्रंप प्रशासन ने अब स्वास्थ्य को लेकर एक नया फरमान जारी किया है, जिसके तहत मोटापा (Obesity) या मधुमेह (Diabetes) जैसी 8 बीमारियों से ग्रसित लोगों को अमेरिका में अब एंट्री नहीं होगी.
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास अब वीज़ा देने से पहले यह सुनिश्चित करेंगे कि वीजा का आवेदन करने वाले शख्स का स्वास्थ्य अमेरिका के लिए "सार्वजनिक बोझ" (Public Burden) तो नहीं बनेगा?. साफ शब्दों में कहें तो अगर आप लिस्ट में दी गई 8 बीमारियों में से किसी एक से भी ग्रस्त हैं तो अमेरिका में आपकी एंट्री बैन हो सकती है क्योंकि ये अमेरिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ डाल सकता है और ऐसे में उसका वीज़ा रद्द या अस्वीकार किया जा सकता है.
कौन-कौन सी बीमारियां शामिल हैं
इस नए नियम में जिन बीमारियों का ज़िक्र किया गया है, उनमें शामिल हैं:
इन बीमारियों वाले व्यक्तियों को वीज़ा देने से पहले कड़ा मेडिकल मूल्यांकन होगा.
‘सार्वजनिक बोझ’ बनने का तर्क
वाशिंगटन स्थित KFF हेल्थ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ये दिशा-निर्देश अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को एक सरकारी केबल के ज़रिए भेजे गए हैं. इसमें कहा गया है कि "जो विदेशी नागरिक शारीरिक या मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, वे अमेरिका के लिए संभावित रूप से सार्वजनिक बोझ बन सकते हैं और देश के संसाधनों को बर्बाद कर सकते हैं."
ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि इस नीति से अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा बचेगा और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम होगा. हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे भेदभावपूर्ण नीति बता रहे हैं. उनका कहना है कि स्वास्थ्य समस्याएँ किसी की योग्यता या क्षमता का पैमाना नहीं हो सकतीं.
भारत सहित अन्य देशों पर असर
भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और दक्षिण एशिया के कई देशों से हर साल लाखों लोग अमेरिका में काम, पढ़ाई या परिवार से मिलने के लिए वीज़ा आवेदन करते हैं. अब इस नए नियम के बाद, कई लोगों के आवेदन केवल उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड के आधार पर खारिज किए जा सकते हैं.
दिल्ली स्थित एक वीज़ा कंसल्टेंट का कहना है कि “पहले मेडिकल टेस्ट सिर्फ गंभीर संक्रमणों या संक्रामक रोगों के लिए होता था, लेकिन अब मोटापा और मधुमेह जैसी आम बीमारियाँ भी वीज़ा रोकने का कारण बन सकती हैं, जो लाखों लोगों को प्रभावित करेगा.”
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
ट्रंप सरकार के इस निर्णय को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कुछ यूज़र्स इसे "अनुचित" और "असंवेदनशील" बता रहे हैं, जबकि समर्थक कह रहे हैं कि अमेरिका को अपने स्वास्थ्य संसाधनों की रक्षा करनी चाहिए.
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