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Sexual and Reproductive Health Awareness Day जानिए इस दिन के बारे में क्योंकि सेहत के लिए है जरूरी

दुनिया के कई देशों में सेक्शुअल एंड रीप्रोडक्टिव अवेयरनेस डे मनाया जाता है. इसका उद्देश्य सेक्शुअल वेलनेस जैसे मुद्दों के लिए जागरुकता बढ़ाना है.

Sexual and Reproductive Health Awareness Day जानिए इस दिन के बारे में क्योंकि सेहत के लिए है जरूरी
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डीएनए हिंदीः हर साल 12 फरवरी को यौन और प्रजनन स्वास्थ्य जागरुकता दिवस मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य सेक्स लाइफ और बच्चे पैदा करने से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरुकता बढ़ाना है. इस दिन की शुरूआत कनाडा की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा की गई थी. आज भारत समेत बहुत सारे देशों में इस दिन खास कार्यक्रम आयोजित होते हैं.
 
सेक्शुअल वेलनेस यानी सेक्स लाइफ का असर एक इंसान के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. दुनिया के कई देशों में अभी तक इसे लेकर जागरुकता की कमी है. इस मुद्दे पर लोग कई बार बहुत से भ्रम और गलत धारणाओं के शिकार होते हैं. इस दिन का उद्देश्य समाज में सेक्शुअल हेल्थ से जुड़ी झिझक को तोड़ने की है. सेक्स रोग, इनफर्टिलिटी, पीरियड्स, असुरक्षित गर्भपात और जन्म नियंत्रण के बारे में लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से एक दिन रखा गया है. 

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हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर ली जा सकती है मदद
राष्ट्रीय जनसंख्या स्थिरीकरण कोष यौन और प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रश्नों के लिए काउंसलिंग हेल्पलाइन भी शुरू की है.  प्रजनन स्वास्थ्य, परिवार नियोजन,  शिशु स्वास्थ्य आदि के लिए आप इस नंबर पर 1800-11-6555 सुबह 9 बजे से रात के 11 बजे तक संपर्क कर सकते हैं. 

अकसर सेक्स लाइफ और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर पर चर्चा नहीं की जाती है. इस वजह से कई बार लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. भारत में यौन और प्रजनन जागरुकता के लिए सरकारें और सार्वजनिक संस्थाएं कई पहल कर रही हैं. सरकार और संस्थाओं की कोशिश है कि लोग इन विषयों पर बिना झिझक के बात कर पाएं.

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