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'ओमिक्रॉन से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है लेकिन यह उम्मीद से कम खतरनाक है.'
डीएनए हिंदी: देश में ओमिक्रॉन के मामले (Omicron Cases in India) लगातार बढ़ रहे हैं. देश में ओमिक्रॉन से संक्रमण के मामले 1000 के आंकड़े को पार कर चुके हैं लेकिन इसे लेकर लोगों में कई भ्रांतियां भी फैल गई हैं.
जबकि ओमिक्रॉन इतना खतरनाक नहीं है. विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों को दुनियाभर में ओमिक्रॉन मरीजों का विश्लेषण करने पर पता चला है कि इसका संक्रमण तेजी से फैलता है लेकिन यह उतना खतरनाक नहीं है, जितना इसके बारे में कहा जा रहा है.
द गार्जियन ने इसे लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है. इसमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और ब्रिटिश सरकार के जीव विज्ञान सलाहकार सर जॉन बेल ने कहा है कि 'ओमिक्रॉन से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है लेकिन यह उम्मीद से कम खतरनाक है.'
ओमिक्रॉन के संक्रमण से मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं. सर जॉन बेल ने आगे बताया कि ओमिक्रॉन के संक्रमण में अस्पताल में भर्ती रहने का औसतन समय महज 3 दिन ही है.' हालांकि विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट साउथ अफ्रीका में सबसे पहले रिपोर्ट किया गया. रॉयटर्स की रिपोर्ट में अफ्रीकी डॉक्टर्स ने कहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के लक्षण काफी हल्के हैं और मरीज घर पर भी ठीक हो सकते हैं. ओमिक्रॉन के मरीजों में आम तौर पर सिर और बदन दर्द जैसे लक्षण दिखाई दिए हैं.
कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट कोरोना के अंत की शुरुआत भी हो सकता है. आउटलुक इंडिया ने मैक्स हेल्थकेयर के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा के हवाले से कहा है कि कोरोना वायरस के म्यूटेशन का पैटर्न स्पेनिश फ्लू के पैटर्न से काफी मिलता जुलता दिख रहा है. जिस तरह से स्पेनिश फ्लू खत्म हुआ, करीब—करीब ऐसे ही कोरोना भी खत्म हो सकता है.
डॉ. संदीप बुद्धिराजा ने कहा, स्पेनिश फ्लू का संक्रमण भी दो साल में कमजोर हो गया था. स्पेनिश फ्लू की भी दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक थी और तीसरी लहर में संक्रमण की दर बेहद कम रही थी. फिर यह गायब हो गया. कुछ ऐसा ही पैटर्न कोरोना महामारी में भी देखने को मिल रहा है.