लेटेस्ट न्यूज
प्राकृतिक तौर पर गहरी हरी सब्ज़ियों और खट्टे फलों में पाया जाने वाला फोलेट गर्भावस्था में सच्चे साथी की भूमिका निभाता है...
डीएनए हिंदी : गर्भधारण करने के लिए माना जाता है कि फ़ॉलिक एसिड (Folic Acid) बेहद कारगर चीज़ है. विशेषज्ञों की राय मानी जाए तो गर्भ धारण करने से पहले अगर फॉलिक एसिड की थोड़ी-थोड़ी मात्रा ली जाए तो गर्भ-धारण की सम्भावना बढ़ जाती है. क्या सच में ऐसा होता है? अगर हां तो किस वजह से होता है, जानिए.
खाने का प्रभाव पड़ता है शरीर पर
खाने के ज़रिये मिलने वाले माइक्रोन्यूट्रिएंट बहुत हद तक हमारे शरीर के रासायनिक गणित पर प्रभाव डालते हैं. हालांकि हर व्यक्ति की शारीरिक ज़रूरत भिन्न होती है, फिर भी कुछ विटामिन रास्ता सरल कर देते हैं. मसलन यह माना जाता है कि स्त्रियों के शरीर में विटामिन का बेहद महत्वपूर्ण रोल होता है. उनके सही सेवन से मेंस्ट्रुएशन, ओवुलेशन, थाइरॉइड फंक्शन सरीखी चीज़ों में मदद मिलती है. सही अनुपात में विटामिन लेने से महिलाओं से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता भी बढ़ती है.
क्या है फॉलिक एसिड
फॉलिक एसिड (Folic Acid) एक कृत्रिम विटामिन है. यह विटामिन बी का एक ही अवयव है. चूँकि यह फोलेट नामक विटामिन से बनता है, इसलिए इसे फॉलिक एसिड कहा जाता है. फोलेट लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, साथ ही गर्भ में भ्रूण के मस्तिष्क में तंत्रिका तंत्रों के विकास में और स्पाइनल कॉर्ड के बनने में भी मदद करता है. फोलेट प्राकृतिक तौर पर गहरी हरी सब्ज़ियों और खट्टे फलों में पाया जाते हैं. यही कारण है कि गर्भावस्था में हरी पत्तेदार सब्ज़ियोंं के सेवन पर ज़ोर दिया जाता है.
कब शुरु करना चाहिए फॉलिक एसिड लेना ?
अमेरिका की सरकारी संस्था सेंटर फॉर डिज़ीज़ कण्ट्रोल एन्ड प्रिवेंशन (CDC ) के मुताबिक़ गर्भ धारण करने से लगभग महीना भर पहले से फॉलिक एसिड लेना शुरू कर दिया जाना चाहिए. इससे ना केवल गर्भवती होने में मदद मिलेगी बल्कि बाद की कई समस्याओं से भी निज़ात मिलेगा. एक स्टडी के अनुसार फॉलिक एसिड (Folic Acid) लगातार लेने वाली महिलाओं को 50% तक कम प्रीमच्योर डिलीवरी जैसी समस्या हुई.