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Updated: Apr 25, 2025, 01:56 PM IST

आतंकी कार्रवाई के बाद दहशत में पहलगाम सड़कों पर पसरा सन्नाटा

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस रोज आतंकवादियों ने बैसरन मैदान में कई बेगुनाह टूरिस्टों की हत्या कर दी थी. आतंकवादियों की इस कार्रवाई के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के लोग भी विरोध में उतर आए थे. लेकिन अब पहलगाम में सन्नाटा छाया हुआ है. यह वीडियो आज सुबह पहलगाम में शूट किया गया. 22 अप्रैल से पहले पहलगाम की सड़कें सैलानियों की चहल पहल से गुलजार रहा करती थीं. स्थानीय निवासियों के तमाम रोजगार चलते रहते थे. होटल का बिजनेस लगातार फल-फूल रहा था. पर आतंकवादियों की इस नापाक हरकत ने कश्मीरियों से उनका रोजगार छीन लिया. सुकून छीन लिया. उनके चेहरे की रौनक गायब हो गई है. यह सही है कि सड़कों पर जितना घना सन्नाटा पसरा है, कश्मीरियों के सीने में उससे कहीं ज्यादा तकलीफ भरी हुई है. उन्हें अफसोस है कि उनके इलाके में आतंकवादियों ने ऐसी हरकत की. उन्हें इस बात का भी दुख है कि कई निर्दोष लोगों की जान चली गई. उन्हें इस बात का क्षोभ भी है कि इससे पर्यटन को नुकसान हुआ और उनके रोजगार पर संकट आया. सच है कि सड़कों पर पसरा यह सन्नाटा पूरे देश में शोर मचा रहा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि केंद्र और राज्य सरकारें आतंकवादियों के इस दहशत से जम्मू-कश्मीर के लोगों को निजात दिलाने में कामयाब होंगी. फिर से पहलगाम की ये सड़कें चहचहाएंगी, पर्यटकों से गुलजार होंगे यहां के होटल और दुकानें. पर्यटकों के साथ-साथ कश्मीरियों के चेहरे पर भी तैरेगी मुस्कान.

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस रोज आतंकवादियों ने बैसरन मैदान में कई बेगुनाह टूरिस्टों की हत्या कर दी थी. आतंकवादियों की इस कार्रवाई के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के लोग भी विरोध में उतर आए थे. लेकिन अब पहलगाम में सन्नाटा छाया हुआ है. यह वीडियो आज सुबह पहलगाम में शूट किया गया. 22 अप्रैल से पहले पहलगाम की सड़कें सैलानियों की चहल पहल से गुलजार रहा करती थीं. स्थानीय निवासियों के तमाम रोजगार चलते रहते थे. होटल का बिजनेस लगातार फल-फूल रहा था. पर आतंकवादियों की इस नापाक हरकत ने कश्मीरियों से उनका रोजगार छीन लिया. सुकून छीन लिया. उनके चेहरे की रौनक गायब हो गई है. यह सही है कि सड़कों पर जितना घना सन्नाटा पसरा है, कश्मीरियों के सीने में उससे कहीं ज्यादा तकलीफ भरी हुई है. उन्हें अफसोस है कि उनके इलाके में आतंकवादियों ने ऐसी हरकत की. उन्हें इस बात का भी दुख है कि कई निर्दोष लोगों की जान चली गई. उन्हें इस बात का क्षोभ भी है कि इससे पर्यटन को नुकसान हुआ और उनके रोजगार पर संकट आया. सच है कि सड़कों पर पसरा यह सन्नाटा पूरे देश में शोर मचा रहा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि केंद्र और राज्य सरकारें आतंकवादियों के इस दहशत से जम्मू-कश्मीर के लोगों को निजात दिलाने में कामयाब होंगी. फिर से पहलगाम की ये सड़कें चहचहाएंगी, पर्यटकों से गुलजार होंगे यहां के होटल और दुकानें. पर्यटकों के साथ-साथ कश्मीरियों के चेहरे पर भी तैरेगी मुस्कान.

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