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Updated: Apr 23, 2025, 08:42 AM IST

Ramban में तबाही का तीसरा दिन जानें क्या है अब का हाल

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में आई त्रासदी का आज तीसरा दिन है. 20 अप्रैल को आए भूस्खलन और बाढ़ से यहां भारी तबाही मची है. सैंतीस घर तबाह हो चुके हैं. जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे मंगलवार को भी बंद रहा. अधिकारियों ने कहा कि हाइवे को बहाल करने में पांच दिन और लगेंगे. इंजीनियरों ने बताया कि हाइवे 22 स्थानों पर क्षतिग्रस्त है. नेशनल हाइवे का लगभग 4 से 5 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह बह गया है. मलबे के नीचे कई वाहन दबे हैं. कई सौ यात्री फंसे हुए हैं. हालांकि तीसरे दिन मौसम का मिजाज बदला है फिर भी लोग चिंतित हैं, क्योंकि चिनाव दरिया का जलस्तर बढ़ रहा है. इलाके के लोग बताते हैं कि उनके कई मवेशी लापता हैं. इलाके के SDM गुल इम्तियाज अहमद के अनुसार, बादल फटने से यह तबाही मची है. SDM के अनुसार, पुनर्वास के प्रयास चल रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत का काम भी जारी है. नुकसान का आकलन किया जा रहा है. भोजन और दवा सहित आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है.

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जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में आई त्रासदी का आज तीसरा दिन है. 20 अप्रैल को आए भूस्खलन और बाढ़ से यहां भारी तबाही मची है. सैंतीस घर तबाह हो चुके हैं. जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे मंगलवार को भी बंद रहा. अधिकारियों ने कहा कि हाइवे को बहाल करने में पांच दिन और लगेंगे. इंजीनियरों ने बताया कि हाइवे 22 स्थानों पर क्षतिग्रस्त है. नेशनल हाइवे का लगभग 4 से 5 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह बह गया है. मलबे के नीचे कई वाहन दबे हैं. कई सौ यात्री फंसे हुए हैं. हालांकि तीसरे दिन मौसम का मिजाज बदला है फिर भी लोग चिंतित हैं, क्योंकि चिनाव दरिया का जलस्तर बढ़ रहा है. इलाके के लोग बताते हैं कि उनके कई मवेशी लापता हैं. इलाके के SDM गुल इम्तियाज अहमद के अनुसार, बादल फटने से यह तबाही मची है. SDM के अनुसार, पुनर्वास के प्रयास चल रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत का काम भी जारी है. नुकसान का आकलन किया जा रहा है. भोजन और दवा सहित आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है.

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