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30,000 फीट से तेजी से नीचे उतरा स्पाइसजेट का विमान, पायलट बना देवदूत, बचाई सैकड़ों जानें

दिल्ली से श्रीनगर जा रही स्पाइसजेट की एक फ्लाइट में लैंडिंग के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ जाने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई. हालांकि, पायलट की सतर्कता से एक संभावित हादसा टल गया.

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30,000 फीट से तेजी से नीचे उतरा स्पाइसजेट का विमान, पायलट बना देवदूत, बचाई सैकड़ों जानें

30,000 फीट से तेजी से नीचे उतरा स्पाइसजेट का विमान 

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दिल्ली से श्रीनगर जा रही स्पाइसजेट की उड़ान संख्या SG 385 के यात्रियों को शुक्रवार को एक भयावह अनुभव हुआ. लैंडिंग से ठीक पहले , विमान अचानक तेज़ी से नीचे उतरने लगा, केबिन में तेज़ कंपन हुआ और अचानक दबाव कम हो गया. इससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कुछ लोग भगवान का नाम लेने लगे. हालाँकि, पायलट की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान श्रीनगर हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया. विमान में 200 यात्री सवार थे. 

जैसे ही विमान रनवे की ओर बढ़ रहा था, केबिन का प्रेशर अचानक नाटकीय रूप से कम हो गया. जिससे कई यात्रियों को साँस लेने में तकलीफ होने लगी . साथ ही, विमान तेज़ी से नीचे की ओर उतरा . जिससे लोग घबरा गए. एक यात्री ने बताया कि केबिन क्रू ने तुरंत यात्रियों से मास्क पहनने और शांत रहने की अपील की .

एयरलाइन के अनुसार , केबिन की ऊँचाई का अलार्म बजते ही चालक दल ने मानक प्रोटोकॉल का पालन किया . पायलट ने तुरंत प्राथमिकता लैंडिंग का अनुरोध किया और विमान श्रीनगर हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया. सौभाग्य से, सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे .

यात्रियों ने साझा किए गए अनुभव

अचानक लगे झटके से लोग डर गए. एक यात्री ने बताया , "कुछ लोग रोने लगे, तो कई लोग भगवान का नाम लेने लगे. हमें लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है. लेकिन चालक दल हमें लगातार भरोसा दिलाता रहा कि स्थिति नियंत्रण में है."

स्पाइसजेट की प्रतिक्रिया

घटना के बाद स्पाइसजेट ने एक बयान जारी किया . 29 अगस्त को दिल्ली-श्रीनगर उड़ान SG 385 में केबिन की ऊँचाई बढ़ने के कारण अलार्म बज गया . सभी आवश्यक कदम उठाए गए और विमान को सुरक्षित रूप से उतार लिया गया. घटना की सूचना DGCA ( नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ) को भी दे दी गई है. सूत्रों के अनुसार, एक इंजीनियरिंग टीम विमान का तकनीकी निरीक्षण कर रही है और रिपोर्ट मिलने तक इसे ज़मीन पर ही रखे जाने की संभावना है .

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में पायलट का त्वरित निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है . एसजी 385 के पायलट ने सावधानी बरतते हुए प्राथमिकता लैंडिंग का अनुरोध किया और विमान बिना किसी बड़ी दुर्घटना के सुरक्षित रूप से उतर गया.

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