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Maharashtra Crisis: बागियों को चुकानी होगी कीमत, ढाई साल में क्यों याद आया हिंदुत्व... एकनाथ शिंदे पर भड़के शरद पवार

शरद पवार ने कहा, 'विधानसभा में जब फ्लोर टेस्ट होगा तब पता चल जाएगा, जो परिस्थिति निर्मित हुई हैं उन पर हम जीत हासिल करेंगे और उद्धव के नेतृत्व में सरकार चलाएंगे.'

Maharashtra Crisis: बागियों को चुकानी होगी कीमत, ढाई साल में क्यों याद आया हिंदुत्व... एकनाथ शिंदे पर भड़के शरद पवार

एनसीपी चीफ शरद पवार (Photo-ANI)

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डीएनए हिंदी: महाराष्ट्र (Maharashtra) में सियासी संकट हर बीतते दिन के साथ उलझता जा रहा है. राज्य में स्थिति अभी भी महा विकास अघाडी (MHA) सरकार के खिलाफ नजर आ रही है और बहुमत बनाए रखना चुनौती साबित हो रहा है. इस बीच एनसीपी चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) ने बागी नेता एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है. शरद पवार ने कहा कि एकनाथ शिंदे के बयान से साफ है कि उनके पीछे कौन है. आरोप लगाने वाले ढाई साल से कहां थे? ढाई साल बाद इन्हें हिंदुत्व क्यों याद आया?

शरद पवार ने गुरुवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, 'हमने कई बार महाराष्ट्र में ऐसे हालात देखे हैं. मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि हम इस संकट से बाहर निकलेंगे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार सुचारू रूप से चलाएंगे. पवार ने कहा कि फिलहाल जो परिस्थिति है शिवसेना उसको लोगों को स्पष्ट कर देगी. विधानसभा में जब फ्लोर टेस्ट होगा तो पता चल जाएगा कि किसके पास बहुमत है. जो परिस्थिति निर्मित हुई हैं उन पर हम जीत हासिल करेंगे.

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'बागी विधायक मुंबई लौटे तो बदल जाएगी स्थिति'
एनसीपी चीफ ने कहा कि महा विकास अघाडी ने सीएम उद्धव ठाकरे को समर्थन देने का फैसला किया है. मेरा मानना है कि एक बार शिवसेना के बागी विधायक मुंबई लौट आएंगे तो स्थिति बदल जाएगी.

 

'मैंने किसी के साथ नहीं किया भेदभाव'
इससे पहले डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा कि NCP महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन एमवीए को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी और पार्टी दृढ़ता से सीएम उद्धव ठाकरे के साथ खड़ी है. उल्लेखनीय है कि शिवसेना में बगावत के चलते महाराष्ट्र सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. अजित पवार ने कहा कि उनकी पार्टी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले एमवीए के साथ है. उन्होंने कहा, उन्होंने कहा, "मैंने (राजनीतिक संकट के बारे में) फोन पर उद्धव ठाकरे से बात की." अजित पवार,जिनके पास वित्त विभाग भी है, ने इस आलोचना को खारिज किया कि उन्होंने एमवीए सहयोगी कांग्रेस और शिवसेना को विकास निधि देने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा, "मैंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया. बजटीय फंड में कभी कोई कटौती नहीं की गई." 

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MVA से निकलने पर करेंगे विचार
गौरतलब है कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने टिप्पणी की थी कि अगर असंतुष्ट विधायक मुंबई लौटते हैं और मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करते हैं, तो उनकी पार्टी सत्ताधारी गठबंधन छोड़ने पर विचार करने के लिए तैयार है. इस टिप्पणी के बारे में प्रश्न करने पर अजित पवार ने कहा, "यह उनका विशेषाधिकार है. हम इसके बारे में उद्धव ठाकरे से पूछेंगे. हो सकता है कि यह विद्रोहियों को पार्टी में वापस लाने के लिए कहा गया हो. यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा राजनीतिक संकट में विपक्षी भाजपा की कोई भूमिका है, अजित पवार ने कहा, "अभी तक, भाजपा के किसी शीर्ष नेता को सामने नहीं देखा गया है.

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