Advertisement

ओडिशा के अस्पताल में 18 दिन में 13 बच्चों ने तोड़ा दम, बेपरवाह बने रहे डॉक्टर, जांच के आदेश

परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनके बच्चों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी के वजह से बच्चों की जान चली गई.

ओडिशा के अस्पताल में 18 दिन में 13 बच्चों ने तोड़ा दम, बेपरवाह बने रहे डॉक्टर, जांच के आदेश

सांकेतिक तस्वीर

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: ओडिशा के क्योंझर जिले में एक सरकारी अस्पताल के बाल रोग वार्ड में कथित लापरवाही के कारण पिछले 18 दिन में 13 बच्चों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी और डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से बच्चों की जान चली गई. मामले में तूल पकड़ने के बाद राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एन.के. दास ने रविवार को जांच के आदेश दिए है और जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है.

वहीं, जिला मुख्यालय अस्पताल में बड़ी संख्या में परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरु कर दिया है. मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनके बच्चों की मौत हुई है. मृतक बच्चों के परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने शनिवार रात अस्पताल की स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट (SNCU) का दौरा नहीं किया, जहां गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज चल रहा था और इसके चलते बच्चों की मौत हो गई.

ये भी पढ़ें- Kerala में रातोंरात करोड़पति बन गया ऑटो चालक, जीती हैरान कर देने वाली रकम

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश
विवाद बढ़ता देख स्वास्थ्य मंत्री एन.के. दास ने कहा, ‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. हमें बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाना चाहिए. मैंने क्योंझर जिले के अधिकारियों से घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने को कहा है.’ 

ये भी पढ़ें- सिर तन से जुदा' के जरिये फेमस होना चाहता था डॉक्टर, साइबर सेल ने ऐसे बिगाड़ा खेल!  

पिछले 18 दिन में गई 13 बच्चों की जान
जानकारी के मुताबिक, पिछले 18 दिन में 13 बच्चों की मौत हो चुकी है. एक बच्चे के परिजन ने बताया कि उसने अपने बेटे को शनिवार अस्पताल में भर्ती कराया था. लेकिन डॉक्टर और नर्सों की लापरवाही के कारण उसकी रात में मौत हो गई. उन्होंने कहा कि बच्चे को ICU में भर्ती कराया गया था, उसे ऑक्सीजन की जरूरत थी लेकिन अस्पताल ने ऑक्सीजन नहीं लगाई. जिसके बाद उसकी मौत हो गई. वहीं परिजनों यह भी आरोप लगाया कि रात के समय इमरजेंसी में अस्पताल में कोई भी डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं रहते.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement