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सनातन धर्म यात्रा से पहले बाबा रामदेव से मिलीं साध्वी संजनानंद गिरी, निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर को मिला योग गुरु का समर्थन

Haridwar News: निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी संजनानंद गिरी ने रामेश्वरम से कश्मीर और कामाख्या से जोधपुर तक यात्रा करेंगी. इस चतुष्पथ धर्म यात्रा का मकसद सनातन धर्म को फिर से जागृत करना है.

सनातन धर्म यात्रा से पहले बाबा रामदेव से मिलीं साध्वी संजनानंद गिरी, निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर को मिला योग गुरु का समर्थन

महामंडलेश्वर साध्वी संजनानंद गिरी की योग गुरु बाबा रामदेव से मुलाकात हुई है.

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Haridwar News: निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर साध्वी संजनानंद गिरी (Mahamandaleshwar Sanjananand Giri) अपनी सनातन धर्म चतुष्पथ यात्रा के लिए संतों का समर्थन जुटा रही हैं. इसके लिए साध्वी संजनानंद गिरी ने योग गुरु और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव से मुलाकात की है. बाबा रामदेव की कुटिया पर हुई इस मुलाकात में महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने उन्हें सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए निकाली जा रही अपनी आगामी यात्रा के बारे में जानकारी दी और उनसे सहयोग व मार्गदर्शन मांगा. इस दौरान दोनों धर्म गुरुओं के बीच सनातन धर्म को जागृत करने के लिए अहम चर्चा हुई है. 

बाबा रामदेव ने दिया पूर्ण समर्थन का आश्वासन
बाबा रामदेव ने साध्वी संजनानंद गिरी को उनकी यात्रा में पूर्ण सहयोग व समर्थन देने का आश्वासन दिया. साथ ही उन्हें इस महत्वपूर्ण यात्रा को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए. यह यात्रा सनातन धर्म, सनातन संस्कृति एवं उसके मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने व आदि-शंकराचार्य जी के आदर्शों के अनुरूप आयोजित की जा रही है. इस चतुष्पथ यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म की स्थापना, हिंदू जनमानस में धार्मिक पुनरुत्थान, पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति की रक्षा करना है. इस मुलाकात के दौरान फिल्म एक्टर प्रोड्यूसर भंवर सिंह पुन्डीर, राजकुमार सैनी और आस्था फाउंडेशन के चेयरमैन अमित सैनी भी उपस्थित रहे.

दो चरणों में पूरी होगी चतुष्पथ यात्रा
साध्वी संजनानंद गिरी अपनी चतुष्पथ सनातन धर्म यात्रा दो चरणों में पूरी करेंगी. पहले चरण में यात्रा की शुरुआत साध्वी संजनानंद गिरी के मातृ स्थान, कामाख्या शक्तिपीठ, गुवाहाटी (असम) से होगी और वहां से यह यात्रा राजस्थान के जोधपुर तक जाएगी. दूसरे चरण की यात्रा तमिलनाडु में परम तीर्थ रामेश्वरम से शुरू होकर कश्मीर स्थित आदि शंकराचार्य मंदिर पर समाप्त होगी. 

चतुष्पथ यात्रा करने वाली पहली महिला साध्वी होंगी संजनानंद गिरी
महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी निरंजनी अखाड़े की एक प्रतिष्ठित संत हैं. वे सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और समाज सेवा के प्रति समर्पित हैं. वे पहली महिला संत होंगी जो आदि शंकराचार्य के बाद इस दिव्य यात्रा को संपूर्ण करेंगी. उनकी यह यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को जाग्रत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. उनका मानना है कि यह अभियान 'एक भारत, दिव्य भारत, अखंड भारत' के विचार को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. उनके अनुसार, चतुष्पथ यात्रा समाज के विभिन्न वर्गों से अपार समर्थन प्राप्त कर रही है. यह यात्रा भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिकता को सुदृढ़ बनाएगी तथा लोगों में एकता, शांति और सौहार्द का संदेश फैलाएगी. इस यात्रा के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूती प्रदान की जाएगी.

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