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सनातन धर्म यात्रा से पहले हरियाणा पहुंचीं साध्वी संजनानंद गिरी, निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर ने राज्यपाल से मांगा सहयोग

Haryana News: कामाख्या शक्तिपीठ की साध्वी संजनानंद गिरी ने रामेश्वरम से कश्मीर तक सनातन धर्म यात्रा निकालने की घोषणा की है. इसमें सहयोग मांगने ही वे हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के पास पहुंची थीं.

सनातन धर्म यात्रा से पहले हरियाणा पहुंचीं साध्वी संजनानंद गिरी, निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर ने राज्यपाल से मांगा सहयोग
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Haryana News: निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर साध्वी संजनानंद गिरी (Mahamandaleshwar Sanjananand Giri) ने अपनी सनातन धर्म चतुष्पथ यात्रा से पहले हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय (Bandaru Dattatraya) से मुलाकात की है. इस मुलाकात में उन्होंने राज्यपाल से अपनी चतुष्पथ यात्रा के लिए सहयोग और मार्गदर्शन मांगा. राज्यपाल ने इस मुलाकात में उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है. साथ ही इस महत्वपूर्ण यात्रा को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं. 

दो चरणों में पूरी होगी चतुष्पथ यात्रा
साध्वी संजनानंद गिरी यह यात्रा सनातन धर्म के मूल्यों को दोबारा आदि शंकराचार्य की परंपरा के अनुरूप स्थापित करने के लिए कर रही हैं. चतुष्पथ यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म की स्थापना, हिंदू जनमानस में धार्मिक पुनरुत्थान, पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति की रक्षा करना है. यह यात्रा दो चरणों में पूरी होगी. पहले चरण में यात्रा की शुरुआत साध्वी संजनानंद गिरी के मातृ स्थान, कामाख्या शक्तिपीठ, गुवाहाटी (असम) से होगी और वहां से यह यात्रा राजस्थान के जोधपुर तक जाएगी. दूसरे चरण की यात्रा तमिलनाडु में परम तीर्थ रामेश्वरम से शुरू होकर कश्मीर स्थित आदि शंकराचार्य मंदिर पर समाप्त होगी. 

चतुष्पथ यात्रा करने वाली पहली महिला साध्वी होंगी संजनानंद गिरी
महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी निरंजनी अखाड़े की एक प्रतिष्ठित संत हैं. वे सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और समाज सेवा के प्रति समर्पित हैं. वे पहली महिला संत होंगी जो आदि शंकराचार्य के बाद इस दिव्य यात्रा को संपूर्ण करेंगी. उनकी यह यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को जाग्रत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. चतुष्पथ यात्रा के मीडिया प्रभारी दुष्यंत प्रताप सिंह का मानना है कि यह अभियान 'एक भारत, दिव्य भारत, अखंड भारत' के विचार को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. दुष्यंत प्रताप सिंह के अनुसार, चतुष्पथ यात्रा समाज के विभिन्न वर्गों से अपार समर्थन प्राप्त कर रही है. यह यात्रा भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिकता को सुदृढ़ बनाएगी तथा लोगों में एकता, शांति और सौहार्द का संदेश फैलाएगी. इस यात्रा के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूती प्रदान की जाएगी.

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