Advertisement

Gyanvapi Masjid Row: ज्ञानवापी मामले में आज आ सकता है फैसला, इन 7 मांगों पर सुनवाई पूरी 

Gyanvapi Masjid: ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी पूजा समेत 7 मांगों पर वाराणसी की जिला अदालत में सुनवाई सोमवार को पूरी हो गई है.  

Gyanvapi Masjid Row: ज्ञानवापी मामले में आज आ सकता है फैसला, इन 7 मांगों पर सुनवाई पूरी 
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) विवाद मामले पर वाराणसी की जिला कोर्ट में सुनवाई हुई. दोनों तरफ की दलीलें सुनकर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. यह फैसला आज यानी मंगलवार दोपहर 2 बजे आएगा. ज्ञानवापी परिसर विवाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में तकरीबन 45 मिनट तक दोनों पक्षों की बहस और दलीलें सुनने के बाद सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला वाराणसी कोर्ट को ट्रांसफर किया था. सुप्रीम कोर्ट ने अदालत को 8 सप्ताह में सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है.

मामला सुनवाई योग्य है या नहीं?
ज्ञानवापी
मामले में  वाराणसी जिला अदालत को अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल की गई याचिका पर फैसला सुनाना है. सोमवार को सुनवाई के दौरान कमेटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह तय होना चाहिए कि राखी सिंह समेत पांच अन्य बनाम स्टेट ऑफ यूपी का वाद सुनवाई योग्य पोषणीय है या नहीं. कहा कि वाद दाखिल होने के बाद पोषणीयता पर चुनौती दी गई थी, लेकिन निचली अदालत ने इसको अनदेखा करते हुए सर्वे कमीशन का आदेश दे दिया. 

ये भी पढ़ेंः Gyanvapi Masjid: श्रृंगार गौरी की पूजा को लेकर 38 साल से चल रही थी जद्दोजहद! 

कोर्ट ने क्यों सुरक्षित रखा फैसला?
वाराणसी जिला अदालत ने अपना आदेश इस आधार पर सुरक्षित रखा है कि इस विवाद की आगे सुनवाई की प्रक्रिया क्या हो. यानी कोर्ट तय करेगा कि आगे सुनवाई सिर्फ सीपीसी के आदेश सात नियम 11 पर ही सीमित रहे या फिर कमीशन की रिपोर्ट और सीपीसी के 7/11 पर साथ साथ सुनवाई हो. बता दें कि उपासना स्थल कानून 1991 के आलोक में नागरिक प्रक्रिया संहिता यानी सीपीसी का आदेश सात नियम 11 किसी भी धार्मिक स्थल पर प्रतिदावे को सीधे अदालत में ले जाने से रोकता है. यानी किसी धार्मिक स्थल की प्रकृति और स्थिति को बदलने की अर्जी सीधे अदालत में नहीं दी जा सकती. यानी वो अर्जी सुनवाई योग्य ही नहीं होगी. अब इसी बात का पहले निर्णय होना है कि विशेष उपासना स्थल अधिनियम 1991 लागू होता है या नहीं. 

ये भी पढ़ेंः Gyanvapi Masjid: 'फव्वारा नहीं शिवलिंग के ऊपर जड़ा था हीरा', हिंदू पक्ष ने किया दावा

ज्ञानवापी मस्जिद मसले पर क्या हैं मांगें

हिंदू पक्ष
1. श्रृंगार गौरी की रोजाना पूजा की मांग
2. वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की पूजा की मांग
3. नंदी के उत्तर में मौजूद दीवार को तोड़कर मलबा हटाने की मांग
4. शिवलिंग की लंबाई, चौड़ाई जानने के लिए सर्वे की मांग
5. वजूखाने का वैकल्पिक इंतजाम करने की मांग

मुस्लिम पक्ष
1. वजूखाने को सील करने का विरोध
2. 1991 एक्ट के तहत ज्ञानवापी सर्वे और केस पर सवाल

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement