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पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि उन्होंने सीएम भगवंत मान को इस स्वागत कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था. लेकिन वे शामिल नहीं हुए.
डीएनए हिंदी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान के शामिल नहीं होने पर पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने आपत्ति जताई है. राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू शनिवार को पहली बार चंडीगढ़ पहुंची. राज्यपाल ने राजभवन में मुर्मू का स्वागत करते हुए कार्यक्रम से सीएम भगवंत मान की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और कहा उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी.
राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि उन्होंने सीएम भगवंत मान को इस स्वागत कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था. राज्यपाल ने कहा, 'उन्होंने इसे स्वीकार भी किया था. उनकी कुछ मजबूरियां हो सकती हैं.’ राज्यपाल के आनुसार मान ने स्वयं आने के बजाय एक प्रतिनिधि भेज दिया. उन्होंने कहा, ‘कोई कितना भी व्यस्त क्यों न हो, मुझे लगता है कि किसी की संवैधानिक जिम्मेदारी को पूरा करना महत्वपूर्ण है.’ राष्ट्रपति सुखना झील में भारतीय वायु सेना के हवाई करतब देखने के लिए चंडीगढ़ में थीं.
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पहली बार दिल्ली-NCR के बाहर वायुसेना दिवस समारोह
चंडीगढ़ में सुखना झील के ऊपर सैन्य विमानों के एक बेड़े के शानदार प्रदर्शन ने शनिवार को दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी उपस्थित थीं. भारतीय वायुसेना ने यहां अपना 90वां स्थापना दिवस मनाया. यह पहला वार्षिक वायुसेना दिवस परेड और ‘फ्लाई पास्ट’ है जिसका आयोजन दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बाहर किया गया.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हुए शामिल
समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए. इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर और चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर भी उपस्थित थीं. विमानों के आसमान में करतब दिखाने से पहले यहां एयरफोर्स स्टेशन में वायुसेना प्रमुख वी आर चौधरी की उपस्थिति में सुबह में एक पारंपरिक परेड का आयोजन किया गया. मुर्मू के यहां पहुंचने पर उन्हें सलामी गारद दी गई. राष्ट्रपति के तौर पर चंडीगढ़ की उनकी यह पहली यात्रा थी. हाल में वायुसेना में शामिल किए गये हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड ने भी तीन विमानों की संरचना में आसमान में अपना शौर्य प्रदर्शित किया. हल्के लड़ाकू विमान तेजस के साथ-साथ सुखोई, जगुआर, राफेल, आईएल-76, सी-130जे और हॉक भी फ्लाई पास्ट का हिस्सा थे. इसके अलावा अत्याधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव, चिनूक, अपाचे और एमआई-17 ने भी हिस्सा लिया.
(इनपुट- भाषा)