Advertisement

उत्तर प्रदेश की जेलों में 'HIV विस्फोट', बाराबंकी में मिले एड्स के 26 मरीज!

उत्तर प्रदेश के जेलों से डराने वाली खबर सामने आ रही है. सिर्फ बाराबंकी जेल में 26 एचआईवी पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इसके पहले सहारनपुर जेल में भी 23 एचआईवी मरीज मिले थे. इस खबर के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है...

उत्तर प्रदेश की जेलों में 'HIV विस्फोट', बाराबंकी में मिले एड्स के 26 मरीज!

बाराबंकी जेल

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिन्दी: उत्तर प्रदेश के जेलों से चिंताजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं. प्रदेश के जेलों में HIV फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. सिर्फ बाराबंकी जेल में पिछले एक महीने में 26 एचआईवी पॉजिटिव कैदी मिले हैं. इस खबर के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है.

ध्यान रहे कि पिछले 10 अगस्त से 01 सितंबर तक बाराबंकी जेल में 3 चरणों में कैम्प लगाकर एचआईवी की जांच की गई थी. इस जांच में 26 कैदी संक्रमित पाए गए. इनमें से 4 कैदियों की एआरटी (एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी) चल रही थी. अब नए 22 मरीजों की एआरटी की जाएगी. बाराबंकी जेल में इतनी बड़ी संख्या में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के मिलने के बाद अब जेल में बंद महिला कैदियों की भी जांच की जाएगी. ध्यान रहे कि इस जेल में करीब 1,000 कैदी बंद हैं.

बताया जा रहा है कि इन मरीजों में एचआईवी इंजेक्शन, नशा और दूसरों से सेक्शुअल रिलेशन की वजह से एचआईवी फैला है.

बाराबंकी जेल सुपरिटेंडेंट दीपांकर कुमार ने इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि इन मरीजों के अन्य टेस्ट के लिए जिला अस्पताल में भेजने का फैसला लिया गया है. 

यह भी पढ़ें, HIV: वर्जिन से संबंध बनाने से नहीं फैलता एड्स ?…जानें सच्चाई

गौरतलब है कि इसके पहले जुलाई में सहारनपुर जेल में 23 कैदियों में एचआईवी पॉजिटिव होने का पता चला था. यह तब पता चला था जब सहारनपुर जेल में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया था. इसमें एक महिला कैदी भी थी.

यह भी पढ़ें, बेटी के रेपिस्ट को सजा दिलाने थाने पहुंची तो पुलिस वाले ने मां का ही कर दिया रेप

वहीं एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि जेलों में कैदियों की संख्या जरूरत से ज्यादा है. जेलों में यह भीड़भाड़ चिंता का विषय है. ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध से इनकार हीं किया जा सकता. यह स्पष्ट रूप से एचआईवी फैलने का कारण बन सकता है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement