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बिहार में आदमखोर बाघ का आतंक,आज शाम तक काबू करने का दावा

वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में आदमखोर बाघ का आतंक बरकरार है. राष्ट्रीय स्तर के एक्सपर्ट को बाघ को काबू करने के लिए बुलाया गया है...

बिहार में आदमखोर बाघ का आतंक,आज शाम तक काबू करने का दावा

 प्रतीकात्मक तस्वीर

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डीएनए हिन्दी: बिहार में आदमखोर बाघ का आतंक कायम है. बगहा के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पिछले 7 दिनों से वन विभाग और जंगल के आसपास रहने वालों की चुनौती बरकरार है. आदमखोर हो चुका बाघ बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा है. टाइगर एक्सपर्ट और वन विभाग के अधिकारी पिछले 12 सितंबर से ही बाघ पर नजर बनाए हुए हैं. 

अब वन विभाग ने बाघ को काबू में करने के लिए नई रणनीति बनाई है. पटना से एक एक्सपर्ट टीम वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व पहुंची है. यह टीम ग्रामीण के साथ बैठकर एक साझा रणनीति तैयार कर रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या करीब 50 के आसपास है. वे कुछ बाघों को यहां से शिफ्ट करने की इजाजत भी चाह रहे हैं. इसके लिए उन्होंने नेशनल टाइगर कंजरवेशन से इजाजत मांगी है. साथ ही यह कोशिश भी की जा रही है कि बाघ आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रहें. उन्हें जंगल के अंदर ही रहने के लिए बाध्य किया जा रहा है. 

फिलहाल वाल्मीकि नगर रिजर्व में नरभक्षी बाघ को काबू करने की तैयारी की गई है. इस टीम का नेतृत्व चीफ वाइल्ड लाइफ वॉर्डन पीके गुप्ता कर रहे हैं. वेटनरी डॉक्टर समरेंद्र कुमार, ट्रेंक्यूलाइजर एक्सपर्ट शूटर नवाब शौकत अली खान भी इसमें शामिल हैं. साथ ही इकोलॉजी डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह भी हैं. दावा किया जा रहा है कि नवाब अली खान का निशाना अचूक है. उन्होंने कई वन्य जीवों को ट्रेंक्यूलाइज किया है. साथ ही पटना चिड़ियाघर के बाघ एक्सपर्ट भी शामिल हैं. 

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बाघ को जंगल से बाहर लाने के लिए जंगल किनारे एक छोटा भैंस, दो बकरियों को भी रखा गया है. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि शिकार के लालच में बाघ बाहर आएगा और उसका रेस्क्यू किया जा सकेगा. हालांकि, अभी तक बाघ का कोई पता नहीं है. हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि बाघ सिर्फ 5 किलोमीटर के दायरे में है. उसे जल्द ही रेस्क्यू कर लिया जाएगा.

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ध्यान रहे कि बिहार के इकलौते टाइगर रिजर्व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 50 के पार पहुंच गई है. पिछले कुछ महीनों से हरनाटांड़ और चिउटहा वन क्षेत्र में कई लोगों पर बाघ हमला कर चुके हैं. इसमें से 5 की मौत भी हो चुकी है. इसके बाद से जंगल के आसपास रह रहे लोगों के बीच जबरदस्त गुस्सा है.

इलाके एसडीएम का कहना है कि जिन लोगों की मौत बाघ की वजह से हुई है उनके परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने दावा किया कि बाघ को जल्द ही काबू कर लिया जाएगा.

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