Advertisement

Sidhu Moose wala Murder Case: मूसेवाला हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे, जांच में सीधे शामिल हो सकती है NIA

सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल की गई एके-47 यूपी के बुलंदशहर से खरीदी गई. सूत्रों की मानें तो इस हत्याकांड की जांच में अब सीधे तौर पर NIA भी जुड़ सकती है. पेश है हमारे रिपोर्टर अमित भारद्वाज की रिपोर्ट...

Sidhu Moose wala Murder Case: मूसेवाला हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे, जांच में सीधे शामिल हो सकती है NIA

सिद्धू मूसेवाला और लॉरेंस बिश्नोंई (फाइल फोटो)

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिन्दी: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. मूसेवाला की हत्या में जिस एके-47 का इस्तेमाल किया गया था उसे उत्तर प्रदेश से खरीदा गया था. हत्याकांड की जांच कर रही एजेंसियों को पूछताछ के दौरान यह अहम जानकारी मिली है. NIA और पंजाब पुलिस दोनों की पूछताछ में यह बात सामने आई है. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े हथियार सप्लायरों के तार को देखते हुए NIA भी इस हत्याकांड की जांच में सीधे तौर पर शामिल हो सकती है.

सूत्रों की मानें तो पंजाब पुलिस ने जब सख्ती से लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ की तो यह जानकारी सामने आई है. यह हथियार यूपी के जाने-माने सप्लायर कुर्बान-इमनार गैंग से खरीदा गया है. यह गैंग यूपी के बुलंदशर का रहने वाला है. लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि उसने पहले भी कुर्बान-इमरान गैंग से हथियार खरीदे हैं.

यह भी पढ़ें. जानें कौन है मूसेवाला पर दोनों हाथों से गोलियां चलाने वाला 19 साल का अंकित

यह गैंग बेहद शातिर है. यूपी और उसके बाहर भी अलग-अलग शहरों में हथियार की सप्लाई करता है. मूसेवाला की हत्या के लिए जो हथियार खरीदे गए पहले उसकी सप्लाई खुर्जा में करनी थी, लेकिन बाद में बुलंदशहर में यह हथियार लॉरेंस के गुर्गों को सौंपी गई. यह भी पता चला है कि यह सौदा 8 लाख रुपये में हुआ.

गौरतलब है कि कुर्बान अंसारी की कोरोना से मौत हो चुकी है. अब उसकी जगह नदीम नाम का शख्स इस गैंग का काम संभाल रहा है. हालांकि, इस गैंग का नाम अब भी कुर्बान-इमरान गैंग ही है. इसकी पहचान इसी नाम से है. 

यह भी पढ़ें: लॉरेन्स बिश्नोई के बाद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया को रिमांड पर ले जाना चाहती है पंजाब पुलिस

इस बीच NIA द्वारा शनिवार को यूपी में नदीम को गिरफ्तार किए जाने के बाद अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का खुलासा हुआ है. नदीम ने भी पूछताछ में जो जानकारी दी है, वह लॉरेंस बिश्नोई द्वारा कुर्बान-इमरान गैंग के साथ संबंधों को पुख्ता कर रही है.

सूत्रों के अनुसार नदीम की गिरफ्तारी और मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े रहे हथियार सप्लायरों के तार को देखते हुए NIA भी इस हत्याकांड की जांच में सीधे तौर पर शामिल हो सकती है. दिल्ली पुलिस लॉरेंस बिश्नोई के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात से पकड़े गए शूटरों से मिली जानकारी के आधार पर मूसेवाला केस से जुड़ गई है.

ध्यान रहे कि कुर्बान अंसारी को दिल्ली पुलिस ने 2016 में एक करोड़ के अत्याधुनिक हथियारों के साथ धर दबोचा था. उस समय की जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि कुर्बान-इमरान गैंग पाकिस्तान से अत्याधुनिक हथियार मंगवाकर देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय गैंगस्टरों एवं शूटरों को उपलब्ध कराता है. अभी इस मामले में और जांच की जा रही है. इस जांच में कई राज खुलने की संभावनाएं हैं.
 

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए  हिंदी गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.  

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement