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Partha Chatterjee SSC Scam: सीक्रेट नंबर से पार्थ चटर्जी और अर्पिता करते थे चैट, जांच में खुले कई राज़

Bengal Teacher Recruitment Scam: ममता बनर्जी के खास सहयोगी पार्थ चटर्जी पर जांच एजेंसी का शिकंजा कसता जा रहा है. इस बीच सूत्रों के हवाले से नई जानकारी सामने आई है. चटर्जी घोटाले से जुड़े पैसों और दस्तावेजों के बारे में बात करने के लिए सीक्रेट नंबर पर चैट का इस्तेमाल करते थे.

Partha Chatterjee SSC Scam: सीक्रेट नंबर से पार्थ चटर्जी और अर्पिता करते थे चैट, जांच में खुले कई राज़

जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं पार्थ चटर्जी

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डीएनए हिंदी: ममता बनर्जी के करीबी कहे जाने वाले पार्थ चटर्जी इस वक्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में हैं. चटर्जी  और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के बीच लगातार बात होती थी. घोटाले और उससे जुड़ी नकदी के बारे में दोनों सीक्रेट नंबर से बात करते थे. हमारे सहयोगी चैनल ज़ी न्यूज के मुताबिक, दोनों ने सिर्फ घोटाले के पैसों और दस्तावेजों पर बात करने के लिए इस नंबर का इस्तेमाल किया था. 

पार्थ चटर्जी के घर से जमा हुए दस्तावेज 

पार्थ चटर्जी के ओएसडी, दामाद और करीबी अर्पिता चटर्जी के घर और दफ्तर के ठिकानों पर कई छापेमारी की गई है. अर्पिता के डायमंड सिटी साउथ के टावर 2 के फ्लैट में रेड के दौरान 20 करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामद हुई है. जांच एजेंसी को ग्रुप C, D स्टाफ की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज भी पार्थ चटर्जी के घर से मिले हैं. 2016 में हुई ग्रुप D की भर्ती के उम्मीदवारों से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले हैं. उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड, रिजल्ट की समरी, 48 अपर प्राइमरी टीचर्स के उम्मीदवारों की रोल नंबर की लिस्ट मिली है. 

पार्थ और अर्पिता से मिल सकती है और कई अहम जानकारी

हमारे सहयोगी चैनल ज़ी न्यूज को सूत्रों से पता चला है कि पार्थ चटर्जी जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहे हैं. इतना ही नहीं जब उनसे घर में बरामद हुए दस्तावेजों के बारे में पूछा गया तब भी उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है.  

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खास नंबर पर होती थी सीक्रेट चैट  

प्रवर्तन निदेशालय को अब तक की जांच में पता चला है कि अर्पिता और पार्थ चटर्जी के बीच एक सीक्रेट नंबर पर एसएससी घोटाले के बारे में काफी चैट होती थी. अब तक इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. 

सूत्रों का कहना है कि ईडी ने रेड से पहले काफी तैयारी की थी और लंबे समय से चटर्जी रडार पर थे. रेड से पहले जांच एजेंसी ने पर्याप्त प्रमाण जुटाए थे और होमवर्क किया था. फिलहाल चटर्जी और उनकी सहयोगी पर शिकंजा कस चुका है. 

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