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China Infrastructure: LAC के पास चीन कर रहा निर्माण कार्य, कड़ी नजर रखे हुए है भारत

वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार चीन की गतिविधियां फिर बढ़ गई हैं. वह बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चला रहा है. ऐसे में भारत सतर्क है...

China Infrastructure: LAC के पास चीन कर रहा निर्माण कार्य, कड़ी नजर रखे हुए है भारत

चीनी सेना

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डीएनए हिन्दी: वास्तिवक नियंत्रण रेखा के आसपास के इलाकों में चीन (China) लगातार कुछ न कुछ गड़बड़ी करता रहता है. यह हमेशा से भारत के लिए चिंता का विषय रहा है. खबर है कि चीन लद्दाख के आसपास निर्माण कार्य चला रहा है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत सीमावर्ती क्षेत्रों में चीन द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों पर कड़ी नजर रखे हुए है. 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हाल के दिनों में भारत सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास कई उपाय किए हैं. सरकार क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता की रक्षा के लिए पर्याप्त उपाय करती है. 

गौरतलब है कि एक टॉप अमेरिकी जनरल द्वारा लद्दाख इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा के आसपास चीन की बढ़ती गतिविधियों को लकर भारत को अलर्ट किया गया था. उसके ठीक एक दिन बाद विदेश मंत्रालय के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं.

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यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल जनरल चार्ल्स ए फ्लिन ने कहा था कि चीनी गतिविधियां आंखें खोलने वाली हैं. पीएलए (चीनी आर्मी) के वेस्टर्न थिएटर कमांड में बनाया जा रहा कुछ बुनियादी ढांचा चिंताजनक है.

गौरतलब है कि पिछले 31 मई को भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए दोनों देशों ने राजनयिक और सैन्य वार्ता जारी रखने पर सहमति व्यक्त की थी.

भारतीय पक्ष का नेतृत्व अतिरिक्त सचिव (पूर्वी एशिया) नवीन श्रीवास्तव ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में सीमा और महासागर मामलों के विभाग के महानिदेशक होंग लियांग ने किया।

भारतीय पक्ष का नेतृत्व अडिशनल सेक्रेटरी (पूर्वी एशिया) नवीन श्रीवास्तव ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में सीमा और महासागर मामलों के महानिदेशक होंग लियांग ने किया.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष इस पर सहमत हुए कि राजनयिक और सैन्य वार्ता के जरिए एलएसी से जुड़े मामलों का जल्द से जल्द हल निकाला जाए, ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थितियां पैदा हो सकें. इस वार्ता के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रालय ने निर्देश दिए थे.

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