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उत्तर प्रदेश के बाहुबली और पूर्व सांसद उमाकांत यादव को जौनपुर की एक अदालत ने 27 साल पुराने ट्रिपल मर्डर केस उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने पूर्व सांसद पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया है. उमाकांत के साथ 7 अन्य लोगों को भी सजा सुनाई गई है...
डीएनए हिन्दी: उत्तर प्रदेश के बाहुबली और पूर्व सांसद उमाकांत यादव (Umakant Yadav) को बड़ा झटका लगा है. जौनपुर की एक अदालत ने 27 साल पुराने ट्रिपल मर्डर केस (Triple Murder Case) में उमाकांत यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने पूर्व सांसद पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में यादव ने लॉकअप से बंदी छुड़ाने के लिए एक GRP जवान समेत 3 लोगों को सरेआम गोलियों से भून दिया था.
भारी भीड़ के बीच एडिशनल सेशन जज (थर्ड)/ स्पेशल जज (एमपी-एमएलए कोर्ट) शरद कुमार त्रिपाठी ने उमाकांत के साथ ही 7 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने मुख्य आरोपी उमाकांत यादव पर 5 लाख का जुर्माना और अन्य आरोपियों पर 20-20 हजार का जुर्माना लगाया.
ध्यान रहे यह मामला फरवरी 1995 का है. उस वक्त जौनपुर जिले के शाहगंज राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के लॉकअप में बंद राज कुमार यादव को छुड़ाने के प्रयास में कॉन्स्टेबल अजय सिंह, लल्लन सिंह और एक अन्य शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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उस वक्त वहां तैनात जीआरपी के कॉन्स्टेबल रघुनाथ सिंह ने एफआईआर दर्ज कर्रवाई थी. उन्होंने अपनी एफआईआर में कहा था कि राइफल और पिस्टल से लैस उमाकांत यादव अपने साथियों के साथ जीआरपी चौकी में आए थे. उमाकांत यादव में लॉकअप में बंद राज कुमार यादव को छुड़ाने की कोशिश की. उसी दौरान उन्होंने फायरिंग की. इस फायरिंग में अजय सिंह, लल्लन सिंह और एक अन्य शख्स की मौत हो गई थी.
गोली लगने से रेलवे स्टाफ निर्मल लाल, एक पैसेंजर भरत लाल भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस मामले में पूर्व सांसद उमाकांत यादव, उनके ड्राइवर राजकुमार यादव, धर्मराज यादव, महेंद्र, सूबेदार, बच्चू लाल समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.
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