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पुलिस थाने के सामने फॉरेस्ट ऑफिसर की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

पिछले 20 सालों से राजगीर में तैनात थे वन ​विभाग के फॉरेस्टर. परिवार के दुश्मनी और रंजिश से इनकार पर पुलिस हत्यारों का पता लगाने में जुटी.

पुलिस थाने के सामने फॉरेस्ट ऑफिसर की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

बॉडीबिल्डर की अंगड़ाई लेने से मौत हो गई.

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डीएनए हिंदी: बिहार के नालंदा में फॉरेस्ट अधिकारी की गुरुवार शाम थाने से 100 मीटर की दूरी पर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई. वन विभाग कर्मी की हत्या पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने की. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस हत्यारों का पता लगाने में जुटी है.

जानकारी के अनुसार, मूलरूप से गया निवासी 55 वर्षीय रामप्रवेश नालंदा स्थित जगदेव नगर में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था. पिछले 20 सालों से राजगीर में तैनात थे. वह शाम को ड्यूटी खत्म कर सब्जी खरीद लेकर अपने घर लौट रहे थे. रामप्रवेश थाने से करीब 100 मीटर आगे ही बढ़ा था कि यहां पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया.

बदमाशों ने एक के बाद एक कई हमले किए. इस से मौके पर ही फॉरेस्टर की मौत हो गई. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. मौक पर डीएसपी प्रदीप कुमार से लेकर थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ पहुंचे. वन कर्मचारी पर पीछे से हमला किया गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिवार को इसकी जानकारी दे दी है.

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शव के पास पड़ी मिली सब्जी, परिवार ने रंजिश से किया इनकार

वन अधिकारी पिछले 20 सालों से यहां रह रहे थे. उनके चार बेटे हैं. इनमें से एक बेटा दूसरे जिले के पुलिस विभाग में तैनात है, जबकि एक बेटा और पत्नी उनके साथ रहते हैं. पुलिस ने बताया कि मृतक ने हाल ही में यहां अपना मकान बनाना शुरू किया था. परिवार की ओर से किसी से झगड़ा और रंजिश होने की बात से साफ इनकार किया गया है. परिवार ने किसी पर भी हत्या का संदेह नहीं जताया है. वहीं राजगीर डीएसपी प्रदीप कुमार ने कहा कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है. जल्द ही वारदात की वजह और आरोपियों का पता लगा लिया जाएगा.

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