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Bihar Vidhan Sabha Centenary Celebration: तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी से कर्पूरी ठाकुर के लिए मांगा 'भारतरत्न'

Bihar Vidhan Sabha Shatabdi Samaroh: बिहार विधानसभा ने अपनी 100 वर्ष की यात्रा पूरी कर ली है. इस समारोह में मंगलवार की शाम पीएम पहुंचे. इस मौके तेजस्वी यादव ने पीएम से जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारतरत्न देने की मांग की...

Bihar Vidhan Sabha Centenary Celebration: तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी से कर्पूरी ठाकुर के लिए मांगा 'भारतरत्न'

बिहार विधानसभा शताब्दी समारोह

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डीएनए हिन्दी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मंगलवार को बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह (Bihar Vidhan Sabha Shatabdi Samaroh) में भाग लेने पटना पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने शताब्दी स्मृति स्तंभ का उद्घाटन किया. साथ ही कल्पतरु पौधा भी लगाया. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सभी लोकतंत्रों की जननी है. यह वैशाली जैसे प्राचीन गणराज्यों की विरासत पर आधारित है. इस मौके बिहार विधानसभा में नेता विपक्षी दल तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने प्रधानमंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारतरत्न देने की मांग की.

प्रधानमंत्री ने एक 'परिपक्व लोकतंत्र' बनने की दिशा में भारत की यात्रा पर संतोष व्यक्त किया. पीएम ने कहा कि भारत में लोकतंत्र इसलिए सफल है क्योंकि हम एक-दूसरे पर विश्वास करते हैं. उन्होंने कहा कि हम सिर्फ बड़े लोकतंत्र नहीं हैं, बल्कि वास्तव में भारत लोकतंत्र की जननी है. पीएम ने कहा बिहार का वैशाली गणराज्य दुनिया में सबसे पुराना है. उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसा कहते हैं कि भारत में लोकतंत्र पश्चिम के प्रभाव से आया है. वास्तव में ऐसा कह कर वह बिहार के गौरवशाली विरासत को कमजोर करने की कोशिश करते हैं.

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नरेंद्र मोदी बिहार विधानसभा का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं. पीएम ने कहा कि मेरे लिए यह गौरव की बात है. मोदी ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि विधानसभा परिसर का शताब्दी समारोह और आजादी का अमृत महोत्सव (75वीं वर्षगांठ) का आयोजन साथ-साथ हो रहा है.

इस मौके पर नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने दो मांगें रखीं. पहला, जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारतरत्न दिया जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी एंड लेजिस्लेटिव स्टडीज जैसी संस्था बिहार में भी स्थापित हो. इससे लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं पर शोध के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे. साथ ही लोकतांत्रिक प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा. हालांकि, तेजस्वी लिखित भाषण पढ़ रहे थे, लेकिन वह इस दौरान कई बार अटके.

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