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Amrita Hospital Faridabad: जानें, कहां और कैसा है भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट हॉस्पिटल, 24 को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन!

Amrita Hospital Faridabad: राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद में देश का सबसे बड़ा अस्पताल बनकर तैयार हो गया है. 24 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन करेंगे. यह अस्पताल प्राइवेट सेक्टर का है. आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ...

Amrita Hospital Faridabad: जानें, कहां और कैसा है भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट हॉस्पिटल, 24 को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन!

अमृता अस्पताल फरीदाबाद

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डीएनए हिन्दी: भारत के सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल के तौर पर फरीदाबाद में अमृता अस्पताल (Amrita Hospital) तैयार हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 24 अगस्त को इस अस्पताल का उद्धाटन कर सकते हैं. इससे पहले जी मीडिया की टीम ने अस्पताल का दौरा किया और यह समझने की कोशिश की है कि सबसे बड़े अस्पताल में मरीजों के लिए क्या कुछ नया होगा.

फरीदाबाद में तैयार हो रहा अमृता अस्पताल 2,400 बेड्स का अस्पताल है. इससे पहले भारत में सबसे बड़े अस्पताल के तौर पर kozhikode का सरकारी अस्पताल है. इसे लोग कालीकट मेडिकल कॉलेज के नाम से भी जानते हैं. यहां 3,025 बेड्स हैं.

बड़े प्राइवेट अस्पतालों में Christian medical college वेल्लोर का नाम आता है, लेकिन यहां 2,305  बेड्स हैं. अमृता अस्पताल का दावा है कि इसमें 2,400 बेड्स की सुविधा होगी.

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हालांकि ये सभी बेड्स पूरी तरह तैयार होने में वक्त लगेगा. अस्पताल की योजना है कि 24 अगस्त से 500 बेड्स, अगले 2 सालों में 750 बेड्स और 5 सालों में 1 हजार बेड्स पूरी तरह मरीजों के लिए तैयार जाएंगी. इसी तरह धीरे-धीरे इस क्षमता को 2,400 बेड्स किया जा सकेगा. पूरा अस्पताल फरीदाबाद सेक्टर 88 में 133 एकड़ में फैला है. इस अस्पताल को पूरी तरह चलाने के लिए 10 हजार लोगों के स्टाफ की जरूरत होगी, जिसमें 800 डॉक्टर होंगे.

amrita hospital

अस्पताल में बच्चों के लिए 300 बेड्स की व्यवस्था है. यहां का पीडियॉट्रिक वॉर्ड सबसे बड़ा है. इसके बाद मां और बच्चा यानी गर्भावस्था और डिलीवरी के लिए सबसे ज्यादा बेड्स सुरक्षित रखे गए हैं. अस्पताल में 81 अलग-अलग मेडिकल स्पेशेलिटी का इलाज मौजूद होगा. अस्पताल में 64 ऑपरेशन थिएटर तैयार किए गए हैं.

543 बेड्स क्रिटिकल केयर के लिए बनाए गए हैं. यहां आईसीयू यानी क्रिटिकल केयर में भर्ती मरीज का कमरा कांच के दरवाजों से तैयार किया गया है जिससे मरीज पर हर वक्त निगरानी की जा सके. गंभीर मरीजों के लिए हर दो मरीज पर एक हेल्थ केयर वर्कर का वर्क स्टेशन बनाया गया है. ये वर्कर हर वक्त मरीज के सामने ही मौजूद रहेगा.
 
अस्पताल की लैब भी भारत की सबसे बड़ी सेंट्रल लैब हो सकती है. यहां 250 के करीब ब्लड टेस्ट पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम से किए जाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं. कोशिश की जा रही है कि एक घंटे में 1 से 2 हजार सैंपल टेस्ट किए जा सकें.

रिसर्च और मेडिकल कॉलेज भी अस्पताल में बनाया गया है. 498 गेस्ट रूम भी तैयार किए जा रहे हैं जिससे बाहर से आने वाले लोग यहां रह सकें. माता अमृतानंदमयी मठ का ये दूसरा अस्पताल है. इससे पहले 1,200 बेड्स का एक अस्पताल कोच्चि में मौजूद है. मां अमृतानंदमयी जिन्हें उनके फॉलोअर अम्मा कहकर भी बुलाते हैं, उनसे नाम जुड़ा होने के कारण आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यहां गरीबों के इलाज की व्यवस्था भी मौजूद होगी. 

अस्पताल के निदेशक डॉ. संजीव के सिंह के मुताबिक अस्पताल में कारपोरेट विंग  और इकोनॉमी विंग बनाए गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब के हिसाब से दाम रखे जा सकें. हालांकि, ये दाम क्या होंगे, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है.

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