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Allahabad University में 25 दिनों से धरने पर क्यों बैठे हैं छात्र, क्यों प्रोफेसरों को ही बना लिया बंधक? जानिए वजह

Allahabad University Protest: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्र बीते 25 दिनों से बढ़ी हुई फीस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

Allahabad University में 25 दिनों से धरने पर क्यों बैठे हैं छात्र, क्यों प्रोफेसरों को ही बना लिया बंधक? जानिए वजह

विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ 25 दिनों से छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इलाहाबाद विश्वविद्याय (Allahabad University) में छात्र शिक्षण संस्थानों में बढ़ती महंगाई का विरोध कर रहे हैं. छात्र बीते 25 दिनों से मांग कर रहे हैं कि विश्वविद्यालय फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस ले. छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की न सुनने का आरोप लगा रहे हैं. अपनी मांगें न पूरी होते देखकर छात्रों ने 2 प्रोफेसरों को बंधक बना लिया है.

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों ने प्रोफेसर मनमोहन कृष्णा और प्रोफेसर आशीष सक्सेना को बंधक बना लिया है. छात्रों का कहना है कि अगर आप हमारी मांगों को वाइस चासंलर से मिलकर पूरा नहीं करा सकते हैं तो अपने पद से इस्तीफा दे दीजिए.

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विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि हर हाल में फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया जाए और छात्रों को केंद्रीय विश्वविद्यालय में कम फीस में पढ़ने का मौका दिया जाए. फीस वापसी को लेकर कुछ छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं. तबीयत बिगड़ते देखकर पुलिस ने छात्रों को जबरन पानी पिलाया है.

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यूनिवर्सिटी कैंपस में निकली छात्रों की प्रतीकात्मक शवयात्रा

आमरण अनशन पर बैठे छात्रों की प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली गई है. छात्र अलग-अलग तरीकों के विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि फीस  वृद्धि के फैसले को वापस ले लिया जाए.

क्या है प्रशासन का रिएक्शन?

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि हम अपने छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए तैयार हैं. कैंपस में कुछ अराजक तत्व अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए हंगामा कर रहे हैं. वह सिर्फ अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षोओं को पूरा करना चाहते हैं.

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क्यों भड़के हैं विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्र?

इलाहाबाद विश्वविद्यालय केंद्रीय यूनिवर्सिटी है. यहां ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के पाठ्यक्रमों की फीस में इजाफा किया गया है. छात्र बढ़ी हुई फीस प नाराज हैं. छात्र इसी आदेश के खिलाफ 25 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार ने विश्वविद्यालयों को कहा है कि उन्हें फंड का इंतजाम कम करना होगा और सरकार पर निर्भरता कम करनी होगी.

पहले कितनी महंगी थी पढ़ाई?

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में हर छात्रों की सालभर की फीस 975 रुपये थी. यानी कि प्रति महीने खर्च 81 रुपये आता है. विश्वविद्यालय ने अब फीस बढ़ाकर 4,151 रुपये कर दी है. यानी कि छात्रों को 333 रुपये प्रति माह देने होंगे. छात्र बढ़ी हुई फीस स्ट्रक्चर का ही विरोध कर रहे हैं.

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