Advertisement

Akhilesh Yadav लगातार तीसरी बार सपा के अध्यक्ष चुने गए, इन चुनौतियों से कैसे पाएंगे पार?

Akhilesh Yadav को लोकसभा चुनाव 2019 और यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में असफलता मिलने के बावजूद लगातार तीसरी बार सपा का अध्यक्ष चुना गया है.

Akhilesh Yadav लगातार तीसरी बार सपा के अध्यक्ष चुने गए, इन चुनौतियों से कैसे पाएंगे पार?

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष चुने गए अखिलेश यादव

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: अखिलेश यादव को लगातार तीसरी बार समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. सपा के चुनाव अधिकारी और पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में इसका ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को निर्विरोध पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है. लखनऊ में चल रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव के ही लगातार तीसरी बार पार्टी अध्यक्ष बनने की संभावना थी. 

बता दें कि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर कंट्रोल को लेकर साल 2017 में अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच जमकर सियासी घमासान हुआ था. तब अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री उनके चाचा शिवपाल यादव के गतिरोध की वजह से समाजवादी पार्टी के झंडे और चुनाव चिन्ह को लेकर कानूनी लड़ाई हुई थी. कोर्ट से जीत मिलने के बाद अखिलेश यादव एक जनवरी 2017 को आपात राष्‍ट्रीय अधिवेशन बुलाकर पहली बार पार्टी संस्‍थापक मुलायम सिंह यादव के स्‍थान पर दल का राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बन गए थे. 

पढ़ें- BJP के समर्थन से पहली बार CM बना यह पहलवान, बुढ़ापे में बेटे ने किया चित्त

इसके बाद अक्‍टूबर 2017 में आगरा में हुए विधिवत राष्‍ट्रीय अधिवेशन में उन्‍हें एक बार फिर सर्वसम्‍मति से पार्टी का अध्‍यक्ष चुना गया था. उस वक्‍त पार्टी के संविधान में बदलाव कर अध्‍यक्ष के कार्यकाल को तीन साल से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया था. अक्‍टूबर 1992 में गठित सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद पर अब तक यादव परिवार का ही कब्‍जा रहा है. अखिलेश से पहले मुलायम सिंह यादव ही पार्टी के अध्‍यक्ष रहे.

पढ़ें- मायावती को सपा की क्षमता पर शक, क्या अखिलेश बदलेंगे अपनी चुनावी रणनीति?

अखिलेश के सामने ये चुनौतियां
सपा का यह राष्‍ट्रीय अधिवेशन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की लगातार चुनावी शिकस्‍तों के बाद आयोजित हो रहा है. प्रदेश के हर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जोरदार तैयारियों को देखते हुए अखिलेश के सामने अब चुनौतियां पहले से भी अधिक होंगी. उनके सामने आगामी नवंबर-दिसंबर में सम्‍भावित नगर निकाय के चुनाव और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है. ऐसे में पार्टी नेतृत्‍व को पिछली गलतियों से सीख लेते हुए संगठन को नए सिरे से सक्रिय करते हुए उसमें नई ऊर्जा भरनी होगी.

पढ़ें- अखिलेश ने नीतीश को माना PM उम्मीदवार! ऑफर कर दिया पूरा यूपी

इनपुट- एजेंसी

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement