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Womens Safety in Delhi: एक-दो नहीं, दिल्ली में 1,000 ऐसी जगहें जहां आप फंसे तो फोन मिलना मुश्किल!

Womens Safety in Delhi: दिल्ली से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां करीब 1,000 ऐसी जगहें हैं जहां मोबाइल नेटवर्क को लेकर परेशानी होती है. यहां कॉल ड्रॉप आम है. फोन कनेक्ट होने में भी समस्या होती है. वहीं कई डार्क स्पॉट हैं जो महिलाओं के लिए खतरा भी हैं...

Womens Safety in Delhi: एक-दो नहीं, दिल्ली में 1,000 ऐसी जगहें जहां आप फंसे तो फोन मिलना मुश्किल!

मोबाइल नेटवर्क की समस्या

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डीएनए हिन्दी: हम देश में 5जी और 6जी की बात कर रहे हैं. 5जी नेटवर्क तो जल्द ही शुरू होने वाला है. लेकिन, देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में कुछ ऐसी जगहें हैं जहां अब भी मोबाइल नेटवर्क (Mobile Network) दम तोड़ने लगता है. इनकी संख्या एक-दो नहीं, 1,000 में है. इन जगहों पर कॉल ड्रॉप तो आम है, फोन कनेक्ट होने में भी दिक्कत होती है.

राजधानी में दिल्ली पुलिस ने एक सर्वे किया है. यह सर्वे डार्क स्पॉट (Dark Spots) और नेटवर्क स्पॉट की जानकारी के लिए किया गया. राजधानी में 1,000 जगहों को चिह्नित किया गया जहां लोगों को नेटवर्क की समस्या झेलनी पड़ रही है.  लेकिन, अब दिल्ली पुलिस पीडब्ल्यूडी और मोबाइल कंपनियों के साथ मिलकर लोगों की समस्या को दूर करने के लिए योजना बना रही है. उम्मीद है जल्दी ही इस समस्या से राहत मिलेगी.

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हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बताया कि उन्हें दिल्ली पुलिस की तरफ से इस समस्या की जानाकरी मिली है. अब इस समस्या के समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मोबाइल कंपनियों के संपर्क में हैं.  अधिकारियों ने कहा कि इन सभी जगहों पर नेटवर्क बूस्टर लगाए जा रहे हैं. तत्काल स्ट्रीट लाइटों के पोल पर भी नेटवर्क बूस्टर लगाए जा सकते हैं. आगे की योजना जल्द तैयार की जाएगी और इस योजना में मोबाइल कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा.

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जहां तक डार्क स्पॉट की बात है वहां लाइट लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 11 करोड़ रुपये दिए हैं. ऐसे सभी स्थानों पर जल्द ही एलईडी लाइट्स लगाए जाएंगे. फिलहाल ज्यादातर डार्क स्पॉट उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में हैं.

समय से कॉल मिलने पर बच सकती है जान
एंबुलेंस यूनियन के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र लाकड़ा ने एक वाकया को याद करते हुए बताया कि कमजोर मोबाइल नेटवर्क की वजह से कई लोगों की जान चली जाती है. उन्होंने 2015 की एक घटना को याद करते हुए कहा कि नजफगढ़-ढांसा रोड पर कार और टेंपो की आमने-सामने से टक्कर हो गई थी. इस हादसे में चार लोगों की मौत हुई थी. उन्होंने कहा कि हादसे को बाद घायल युवक एंबुलेंस को कॉल करते रहे लेकिन नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से कॉल मिलने में 30 मिनट की देरी हो गई. जब तक हम सहायता के लिए पहुंचते सबकी मौत हो गई थी. 

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