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यूपी में पॉवर ऑफ अटॉर्नी देना हुआ मुश्किल, लगेगा रजिस्ट्री जैसा स्टांप चार्ज, जानिए वजह

यूपी में पॉवर ऑफ अटॉर्नी के रोल में अहम बदलाव किया गया है. यूपी सरकार के नए कानून के मुताबिक अब अटॉर्नी का इस्तेमाल सेल डीड के तौर पर नहीं किया जाएगा.

यूपी में पॉवर ऑफ अटॉर्नी देना हुआ मुश्किल, लगेगा रजिस्ट्री जैसा स्टांप चार्ज, जानिए वजह

CM Yogi Adityanath

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डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश में अब अचल संपत्तियों की पॉवर ऑफ अटॉर्नी अगर ब्लड रिलेशन के बाहर दिया जाता है तो उस संबंध में नए नियम बनाए गए हैं. पहले पॉवर ऑफ अटॉर्नी नियुक्त करने में महज 50 रुपये का खर्च आता था लेकिन अब रजिस्ट्री की तरह, उसकी फीस बढ़ा दी गई है. अब स्टांप ड्यूटी का चार्ज, पॉवर ऑफ अटॉर्नी के ट्रांसफर पर लगेगा.

यूपी सरकार ने फैसला किया है कि अब अचल संपत्ति की पॉवर ऑफ अटॉर्नी रिश्तेदारी से बाहर देने पर नया नियम लागू होगा. अब अगर परिवार से बाहर किसी को यह अहम जिम्मेदारी दी जाती है तो उसे स्टांप ड्यूटी की राशि अदा करनी होगी. 

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यूपी सरकार ने एक अहम कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया है. योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि पॉवर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल, अब सेल डीड में नहीं किया जाएगा. यह कानून, तब बनेगा जब स्टांप अधिनियम प्रावधानों में बदवाव किया जाएगा.

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राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाया कदम

रक्त संबंधियों को छोड़कर किसी को भी अगर पॉवर ऑफ अटॉर्नी सौंपी जाती है तो स्टांप ड्यूटी की राशि जमा करानी होगी. सरकार ने यह फैसला राजस्व में इजाफे के लिए लिया है. यह ड्यूटी चार्ज, सरकारी राजस्व में जमा होगा. यह राशि बाजार मूल्य के हिसाब से ही तय किए जाएंगे.

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