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क्या अब हर साल लगवानी होगी Covid Vaccine? जानिए बूस्टर डोज पर क्या है एक्सपर्ट की राय

केंद्र सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल के मामले में जनता को एक बड़ी राहत दी है. वहीं कई जगह तो मास्क लगाने तक का चलन खत्म हो गया है.

क्या अब हर साल लगवानी होगी Covid Vaccine? जानिए बूस्टर डोज पर क्या है एक्सपर्ट की राय
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डीएनए हिंदी: पिछले वर्षों में कोविड -19 (Covid-19) की भयंकर त्रासदी देखी है लेकिन ओमिक्रोन वेरिएंट (Omicron) के कंट्रोल में आने के बाद अब कोविड के लगभग खात्मे के संकेत मिल रहे हैं. केंद्र  सरकार ने भी कोविड प्रोटोकॉल (Covid Protocol) में बदलाव करते हुए जनता को राहत देने के प्रयास किए हैं लेकिन पूरी दुनिया में कोविड के मामले एक बार फिर बढ़े हैं. चीन की स्थिति इतनी विकट है कि वहां के सबसे बड़े  शहर शंघाई तक में लॉकडाउन लगाया गया है और कुछ ऐसी ही स्थिति यूरोप समेत ब्रिटेन की भी है. ऐसे में सवाल उठता है क्या देश में लोगों को हर साल कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) की बूस्टर डोज (Booster Dose) लेनी पड़ सकती है और इसको लेकर चिकित्सा एक्सपर्ट ने एक बड़ा बयान भी दिया है.

बरतनी होगी सावधानी

दरअसल, कोविड के खात्मे और बूस्टर डोज को लेकर पुणे NIV की डायरेक्टर डॉक्टर प्रिया अब्राहम ने कहा, "जब तक कोरोना महामारी पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती तब तक सावधानी बरतना जरूरी है. लोग अगर भीड़ में जाएं तो मास्क जरूर लगाएं." उनका कहना है कि यदि महामारी और लंबी बनी रहती है तो कोरोना से बचाव के लिए लोगों को हर साल बूस्टर डोज की जरूरत होगी.

आपको बता दें कि ICMR के तहत आने वाले पुणे NIV रिसर्च संस्थान में 60 से ज्यादा वैज्ञानिक काम करते हैं. देश की यह एकमात्र लैब है जिसमें जिनोम सीक्वेंसिंग की जाती है. हालांकि कोरोना महामारी के आने के बाद NIV पुणे के रिसर्च सेंटर बढ़ाए गए हैं जिसके चलते कोविड की जांच में तेजी लाई जा सके. 

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फिलहाल नियंत्रण में है कोविड

गौरतलब है कि देश में आज के वक्त में कोविड महामारी नियंत्रण में है और हर दिन हजारों की संख्या में आने वाले संक्रमण के मामले धीरे-धीरे हजार के आस-पास आकर सिमट गए हैं. एक्टिव मामलों की संख्या भी घटी है. वहीं सबसे बड़ी चिंता वैश्विक स्तर पर एक बार फिर बढ़ रहे कोविड के मामले हैं क्योंकि देश में वाणिज्यिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें एक बार फिर खोल दी गई हैं. 

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